रोड के किनारे फिर दिखा बाघ, टॉर्च की रोशनी में वन विभाग ने चलाया सर्च ऑपरेशन, देखिये वीडियो

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  • सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी चंदन सिंह अधिकारी व उनकी टीम, टॉर्च लेकर रात के अंधेरे में खंगाला चप्पा-चप्पा
  • वन विभाग की तत्परता और मुस्तैदी की ग्रामीणों ने की मुक्तकंठ से प्रशंसा; सतर्क रहने की अपील जारी

बिंदुखत्ता (लालकुआं): सन्नाटे को चीरती हवा और सड़क किनारे झाड़ियों से आती खामोश आहट—बिंदुखत्ता के इंद्रानगर प्रथम क्षेत्र में दहशत का साया एक बार फिर गहरा गया है। स्थानीय ग्रामीण दिनेश जोशी के अनुसार, मां नंदा सुनंदा मंदिर से विकासपुरी मुख्य मार्ग पर आज उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब रोड के किनारे उसी बाघ की प्रत्यक्ष चहलकदमी दिखाई दी, जिसने पिछले कई दिनों से पूरे इलाके की नींद उड़ा रखी है।ग्रामीण दिनेश जोशी ने बताया कि सड़क किनारे बाघ की ताजा आवाजाही दिखते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया।  बिना एक पल गंवाए इस गंभीर स्थिति की सीधी जानकारी वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी (गोला) चंदन सिंह अधिकारी और उनकी टीम ने जो फुर्ती दिखाई, वह काबिले-तारीफ रही। बिना किसी देरी के वन महकमे की टीम पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुंच गई।

टॉर्च की रोशनी में चला सघन सर्च अभियान

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घने अंधेरे और हिंसक वन्यजीव के खतरे की परवाह किए बिना वन क्षेत्राधिकारी चंदन सिंह अधिकारी के नेतृत्व में वन कर्मियों ने हाथों में हाई-पावर टॉर्च और सुरक्षा उपकरण लेकर पूरे इलाके की घेराबंदी की। सड़क के दोनों ओर फैली झाड़ियों, सुनसान रास्तों और संभावित ठिकानों को बारीकी से खंगाला गया। वन अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उन्हें ढांढस बंधाया और अपील की कि जब तक इस वन्य प्राणी की पुख्ता निगरानी नहीं हो जाती, तब तक रात के समय मुख्य सड़क या सुनसान रास्तों पर अनावश्यक न निकलें और बच्चों व मवेशियों की सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरतें।

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विभाग की मुस्तैदी से ग्रामीणों को मिली राहत

रात और खतरे के बीच जिस तत्परता से वन क्षेत्राधिकारी चंदन सिंह अधिकारी व उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला, उसकी स्थानीय जनता खुले दिल से सराहना कर रही है। ग्रामीण में सुरक्षा का भरोसा जगाया है।

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खौफ की पृष्ठभूमि और पिंजरे की मांग

गौरतलब है कि इसी क्षेत्र में 13 अगस्त की रात अजय सिंह का सामना सीधे बाघ से हुआ था, जहां उन्होंने किसी तरह शोर मचाकर अपनी जान बचाई थी। यह वन्य प्राणी अब तक हेमा पांडे की बछिया व कुत्ते, कविता जोशी के दो कुत्तों और गोविंद सिंह बिष्ट के पालतू कुत्ते को अपना निवाला बना चुका है। संवेदनशील स्थानों पर पहले से ही ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन आज सड़क किनारे दोबारा हुई इस हलचल के बाद ग्रामीणों ने एक बार फिर आबादी क्षेत्र में जल्द से जल्द पिंजरा लगाकर बाघ को सुरक्षित पकड़ने की मांग दोहराई है।

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