दतिया के पीतांबरा पीठ से नैनीताल के शिव धाम तक: रहस्यमयी ‘शतचण्डी महायज्ञ’ का आगाज़!

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​नैनीताल: उत्तराखण्ड की पावन वादियों में स्थित ग्राम सुवाधार, चोपड़ा (ज्योलिकोट) में एक अलौकिक और दिव्य आयोजन होने जा रहा है, जिसने क्षेत्र के श्रद्धालुओं के बीच भारी कौतूहल पैदा कर दिया है। श्रीकण्ठ महादेव फाउण्डेशन धार्मिक न्यास के तत्वावधान में, नवनिर्मित माँ राजराजेश्वरी महात्रिपुरसुन्दरी ललिताअम्बा मन्दिर का प्रथम वार्षिकोत्सव एक भव्य समारोह के रूप में मनाया जाएगा।
​इस अवसर को अत्यंत विशेष और रहस्यमयी बना रही है एक खास जानकारी: इस समारोह के मुख्य आकर्षण, भव्य ‘शतचण्डी महायज्ञ’ के आचार्य और ब्राह्मण, विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ पीताम्बरा पीठ, दतिया (मध्य प्रदेश) से विशेष रूप से पधार रहे हैं। पीतांबरा पीठ की रहस्यमयी और जागृत शक्तियों के आचार्यों की उपस्थिति ने इस महायज्ञ को एक दुर्लभ और अलौकिक ऊर्जा से भर दिया है, जिससे क्षेत्र में एक दिव्य सस्पेंस का माहौल बन गया है।
​आयोजन का विवरण:
​तिथि: 20 अक्टूबर 2026 (विजयादशमी) से शुरू होकर 26 अक्टूबर 2026 (शरद-पूर्णिमा) तक चलेगा।
​मुख्य आकर्षण: ‘शतचण्डी महायज्ञ’ और माँ राजराजेश्वरी मन्दिर का प्रथम वार्षिकोत्सव।
​स्थान: ग्राम सुवाधार, चोपड़ा, ज्योलिकोट, नैनीताल (उत्तराखण्ड)।
​भण्डारा: 26 अक्टूबर (शरद-पूर्णिमा) को दोपहर 12 बजे से महाप्रसाद वितरण।
​धर्ममार्तंड भागवत किंकर नमन कृष्ण महाराज ने सभी श्रद्धालुओं से इस दिव्य अवसर पर पधारकर पुण्य के भागी बनने का सादर अनुरोध किया है। यह महायज्ञ पीतांबरा पीठ दतिया और नैनीताल के शिव धाम के बीच एक आध्यात्मिक सेतु बनेगा, जिसकी दिव्य ऊर्जा का अनुभव करने के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में जुटने की उम्मीद है।

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