खटीमा शहीद स्थल पर मनाई गई उत्तराखंड के गांधी स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी जी की 100वीं जयंती, कार्यकर्ताओं ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

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खटीमा।
आज दिनांक 24 दिसंबर 2025 को उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं द्वारा खटीमा शहीद स्थल में उत्तराखंड के गांधी के नाम से प्रसिद्ध स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी जी की 100वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान और संकल्प के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
जयंती समारोह को संबोधित करते हुए उत्तराखंड क्रांति दल के राज्य निर्माण सेनानी प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष शिव शंकर भाटिया ने स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी जी के जीवन एवं संघर्ष पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इंद्रमणि बडोनी जी का जन्म 24 दिसंबर 1924 को पौड़ी जनपद में हुआ था तथा 18 अगस्त 1999 को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके अदम्य साहस, त्याग और सत्याग्रह के कारण उन्हें उत्तराखंड के गांधी की उपाधि दी गई।
शिव शंकर भाटिया ने कहा कि इंद्रमणि बडोनी जी ने अपने पूरे जीवनकाल में उत्तराखंड को पृथक राज्य बनाने के लिए समर्पित भाव से संघर्ष किया। वे उत्तराखंड राज्य निर्माण के जननायक एवं प्रणेता रहे। उनका स्पष्ट विचार था कि उत्तराखंड राज्य अवश्य बनेगा और उसकी राजधानी पहाड़ में गैरसैण होगी, तभी पहाड़ का वास्तविक विकास संभव है और पलायन पर रोक लगेगी। दुर्भाग्यवश वे उत्तराखंड राज्य बनने से पूर्व ही इस दुनिया से विदा हो गए, परंतु उनके विचार और संकल्प आज भी आंदोलनकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि स्वर्गीय बडोनी जी के सपनों को साकार करने के लिए एकजुट होकर, एक मुठ बनकर संघर्ष को आगे बढ़ाया जाए और उनके अधूरे सपनों को पूरा किया जाए।
जयंती समारोह में जिला अध्यक्ष राम सिंह धामी, जिला महामंत्री संतोष मल्होत्रा, सैनिक प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष धन बहादुर चंद, नगर अध्यक्ष शहाबुद्दीन अंसारी, युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष भवानी शंकर, वरिष्ठ नेता शिवलाल रस्तोगी, प्रकाश सिंह रावत, महिला प्रकोष्ठ ब्लॉक अध्यक्ष विनीता देवी, ब्लॉक महामंत्री महिला प्रकोष्ठ राजकुमारी सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उत्तराखंड क्रांति दल के युवा नेता एवं समाजसेवी पंकज सिंह ने भी उत्तराखंड गांधी स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी जी की 100वीं जयंती/पुण्य स्मृति पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि बडोनी जी का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए संघर्ष, सादगी और निष्ठा की मिसाल है।