सुनहु भरत भावी भव भंजन : रामकथा अमृत प्रकट अंजन”, घर घर पहुंच रहा भव्य कथा का संदेश, आयोजन को लेकर उत्साह

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“सुनहु भरत भावी भव भंजन : रामकथा अमृत प्रकट अंजन”

(भावार्थ: रामकथा वह अमृत है जो भवसागर के दु:खों को दूर करता है लालकुआँ में यह अमृत अब घर-घर पहुँच रहा है)

 

लालकुआँ। आगामी 18 दिसंबर से नगर में आरंभ होने जा रही भव्य श्री रामकथा को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। कथा के आमंत्रण के लिए इन दिनों आयोजक मंडल के सदस्य घर-घर पहुंचकर श्रद्धालुओं को कार्यक्रम की जानकारी दे रहे हैं।

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राधे-राधे सेवा समिति के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि कथा आयोजन को लेकर तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही हैं।
माता बहनों, युवाओं और बुजुर्गों की टोलियाँ प्रतिदिन मोहल्लों और गलियों में जाकर “राम-राम” और “जय श्रीराम” के जयकारों के साथ लोगों को कथा में सम्मिलित होने का निमंत्रण दे रही हैं।

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उन्होंने कहा कि इस पावन श्रीरामकथा का उद्देश्य अधिक से अधिक भक्तों तक धर्म, भक्ति और जीवन-संदेश पहुँचाना है। इसलिए हर घर में जाकर लोगों को बुलाया जा रहा है ताकि श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुँचकर कथा श्रवण करें और अपने जीवन को धन्य बना सकें।

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लालकुआँ में रामकथा का यह उत्सव धीरे-धीरे नगर का भक्ति-महोत्सव बनता जा रहा है।

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