बिंदुखत्ता का 29वां दिन और एक अनसुलझी चेतावनी: क्या 20 दिसंबर की महारैली हिलाएगी सियासी समीकरण?
बिंदुखत्ता। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की मांग को लेकर जारी धरना-प्रदर्शन के 29वें दिन गाधीनगर द्वितीय ग्राम सभा के ग्रामीणों ने सैकड़ों की संख्या में भागीदारी की। धरना कार्यक्रम के संयोजक दौलत सिंह कोरंगा एवं सह-संयोजक अजित सिंह बिष्ट रहे।
वक्ताओं ने वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की अधिसूचना जारी करने की मांग उठाई। उन्होंने भाजपा, कांग्रेस एवं अन्य राजनीतिक दलों पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सभी दल जनता के सामने राजस्व ग्राम बनाने का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करें।
वनाधिकार संगठन के संरक्षक श्याम सिंह रावत ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में आगामी 20 दिसंबर, रविवार को हल्द्वानी में विशाल महारैली आयोजित की जाएगी। इसमें पूरे नैनीताल जिले के वन क्षेत्रों में अधिकारों के लिए संघर्षरत वनाधिकार समितियों एवं ग्रामीणों को आमंत्रित किया जाएगा। बिंदुखत्ता से भी हजारों ग्रामीण महारैली में प्रतिभाग करेंगे।
उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि महारैली से पहले बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की अधिसूचना जारी नहीं हुई, तो 20 दिसंबर को महारैली के मंच से आंदोलन की अगली रणनीति एवं आगामी कार्यक्रमों की घोषणा की जाएगी।
धरना प्रदर्शन में गाँधी नगर के संयोजक दौलत सिंह कोरंगा, सहसंयोजक अजित सिंह बिष्ट वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष सूबेदार मेजर खिलाफ सिंह दानू, कैप्टन इंद्र सिंह पनेरी, अर्जुन नाथ गोस्वामी, सचिव एडवोकेट बलवंत बिष्ट, उपसचिव नंदन बोरा, भरत नेगी, दीपक जोशी, रमेश गोस्वामी, मंगल सिंह कोश्यारी, दीपक नेगी, गोविन्द गिरी, दीप कर्नाटक, कमला बिष्ट राजमती, मुन्नी देवी, गंगा पाण्डा, ममता बिष्ट, द्रौपदी देवी, दीपा देवी, लक्ष्मी कोरंगा, गंगा देवी, मुन्नी देवी, भागीरथी देवी, चंद्रा देवी सहित सैकड़ो ग्रामीणों की उपस्थिति रही।
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