पितरों की स्मृति में गौलापार के जंगलों में रोपे गए 300 फलदार पौधे

ख़बर शेयर करें

 

पितरों की स्मृति में गौलापार के जंगलों में रोपे गए 300 फलदार पौधे श्री गिरिजा देवी सनातन सेवा समिति और साथी संगठन की अनूठी पहल; वन्यजीवों के पोषण और पर्यावरण को समर्पित अभियान

हल्द्वानी। श्राद्ध पक्ष के पावन अवसर पर पितरों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने और जंगलों में वन्यजीवों के आहार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की गई। श्री गिरिजा देवी सनातन सेवा समिति और ‘साथी’ संगठन, हल्द्वानी के संयुक्त तत्वावधान में गौलापार स्थित कालीचौड़ के जंगलों में वृहद पौधारोपण कर 300 फलदार पौधे लगाए गए।

यह अभियान प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एवं समिति के संरक्षक प्रोफेसर (डॉ.) एस.डी. तिवारी के निर्देशन में आयोजित हुआ। इस दौरान स्थानीय जलवायु और वातावरण की अनुकूलता को देखते हुए आम, अमरूद, लीची, पपीता, अनार, नींबू, जामुन और बांस आदि के फलदार पौधे रोपे गए।

यह भी पढ़ें 👉  गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा में आगे आया 'लीफ': निःशुल्क मेडिकल कैंप में 232 लोगों की हुई हाईटेक जांच

पौधों को सींचकर किया गया तर्पण समिति के सचिव डॉ. नवीन चन्द्र जोशी ने बताया कि वर्ष 2008-2009 से वे लगातार श्राद्ध पक्ष में जंगली जानवरों के पोषण और प्रकृति संरक्षण के लिए जंगलों में फलदार पौधे लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा और शास्त्रों में वृक्षों का संरक्षण सबसे पुण्यदायी कर्म माना गया है। इस अभियान के तहत लोग पौधों को जल अर्पित कर पितरों का तर्पण कर रहे हैं। शुरुआत में यह प्रयास अकेले शुरू हुआ था, लेकिन आज सैकड़ों लोग जुड़कर विभिन्न स्थानों पर इस मुहिम को जनआंदोलन का रूप दे रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  दुग्ध उत्पादकों के लिए मंत्री बहुगुणा का वो फैसला जिसका था सबको इंतजार—मुकेश बोरा ने क्यों कहा इसे 'ऐतिहासिक मोड़'?

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से हुआ पौधों का चयन पर्यावरण विशेषज्ञ मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि वर्षा ऋतु में वन क्षेत्र की मिट्टी और जलवायु की परिस्थितियों के अनुसार ही प्रजातियों का चयन किया गया है ताकि पौधे तेजी से पनप सकें। वहीं साथी संगठन के अध्यक्ष आनंद सिंह भाकुनी ने कहा कि पितरों के निमित्त प्रकृति को हरा-भरा बनाना और बेजुबान जीवों के भोजन की व्यवस्था करना अत्यंत पावन और अनुकरणीय कार्य है।

यह भी पढ़ें 👉  ज्ञानेश कुमार तो बहाना है, देश का माहौल खराब करना विपक्ष का असली मकसद: तरुण पंत

अभियान का दूसरा चरण हुआ पूरा लक्ष्मण सिंह गोनिया ने जानकारी दी कि यह पौधारोपण अभियान का द्वितीय चरण था। इससे पहले हरेला पर्व के अवसर पर प्रथम चरण में 1,000 पौधे रोपे गए थे।

इस अभियान में श्री कालीचौड़ मंदिर समिति और वरिष्ठ जन कल्याण समिति, हल्द्वानी का भी सक्रिय सहयोग रहा। कार्यक्रम में प्रख्यात विद्वान डॉ. चन्द्र बल्लभ बेलवाल, सुरेन्द्र सिंह बिष्ट, मोहन सिंह मेहरा, राजेन्द्र सिंह बोरा, जीवन चन्द्र जोशी और भुवन चन्द्र तिवारी सहित कई गणमान्य नागरिक एवं पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad