श्रीमद् देवी भागवत पुराण के पावन अवसर पर बिन्दुखत्ता के इन्द्रानगर हाटाग्राम में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत नवाह ज्ञान यज्ञ क्षेत्र में भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का वातावरण निर्मित कर रहा है।
इस दिव्य आयोजन में सुप्रसिद्ध कथावाचक डॉ. नवीन चन्द्र जोशी अपनी ओजस्वी वाणी से श्रद्धालुओं को देवी महिमा का रसपान करा रहे हैं।
कथा के माध्यम से धर्म, संस्कार और नारी शक्ति के सम्मान का प्रेरक संदेश समाज तक पहुँच रहा है।
इन्हीं पावन प्रसंगों पर प्रस्तुत है कथावाचक डॉ. जोशी से एक विशेष बातचीत।
1. प्रश्न: बिन्दुखत्ता में आयोजित इस श्रीमद् देवी भागवत कथा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर:
इस नवाह ज्ञान यज्ञ का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में धर्म, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करना है। कथा के माध्यम से समाज को माँ भगवती की कृपा से जोड़ते हुए सकारात्मक जीवन की प्रेरणा देना हमारा लक्ष्य है।
2. प्रश्न: नौवें दिन गंगा अवतरण के प्रसंग से श्रद्धालुओं को क्या संदेश मिला?
उत्तर:
गंगा अवतरण का प्रसंग हमें सिखाता है कि माँ भगवती करुणा और मोक्ष की अधिष्ठात्री हैं। वे अपने भक्तों के उद्धार के लिए सदैव तत्पर रहती हैं और उनका स्मरण जीवन को पवित्र बनाता है।
3. प्रश्न: शंखचूर्ण वध की कथा से समाज को क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर:
यह प्रसंग स्पष्ट करता है कि अहंकार और शक्ति का दुरुपयोग अंततः विनाश का कारण बनता है। मनुष्य को सदैव विनम्र रहकर धर्म और सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए।
4. प्रश्न: बिन्दुखत्ता क्षेत्र में श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता को आप कैसे देखते हैं?
उत्तर:
यह अत्यंत सुखद और प्रेरणादायक है कि क्षेत्र की मातृशक्ति, युवा और बुजुर्ग सभी बड़ी श्रद्धा के साथ कथा श्रवण कर रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि हमारी संस्कृति और आस्था आज भी समाज की आधारशिला है।
5. प्रश्न: श्रीमद् देवी भागवत कथा का वर्तमान समाज में क्या महत्व है?
उत्तर:
आज के समय में यह कथा मनुष्य को मानसिक शांति, नैतिकता और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करती है। इससे समाज में सद्भाव और संस्कारों की स्थापना होती है।
6. प्रश्न: इस कथा आयोजन में मुख्य यजमान श्री गोविन्द भट्ट परिवार की भूमिका को आप कैसे देखते हैं?
उत्तर:
गोविन्द भट्ट जी और उनके परिवार का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलती है।
7. प्रश्न: कथा श्रवण से श्रद्धालुओं के जीवन में क्या परिवर्तन आता है?
उत्तर:
श्रद्धा और विश्वास के साथ कथा श्रवण करने से मन शुद्ध होता है, नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में सुख-शांति तथा आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
8. प्रश्न: क्षेत्रवासियों के लिए आपका विशेष संदेश क्या है?
उत्तर:
मैं सभी क्षेत्रवासियों से यही कहना चाहता हूँ कि धर्म, संस्कार और नारी शक्ति के सम्मान को अपने जीवन में स्थान दें तथा ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों से जुड़कर समाज को सशक्त बनाने में सहयोग करें।
रमाकान्त पन्त
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