“तीन वर्षों की प्यास के बाद लौटेगी जीवनधारा: भीमताल का प्राचीन जल स्रोत ‘सारा’ योजना से होगा पुनर्जीवित”

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भीमताल। नगर क्षेत्र के वार्ड संख्या 6 में झील के समीप कुमाऊँ राजमार्ग पर स्थित सदियों पुराना प्राकृतिक जल स्रोत, जो पिछले तीन वर्षों से सूखा पड़ा था, अब पुनः जीवनदायिनी धारा के रूप में बहने की तैयारी में है। ‘सारा’ योजना के अंतर्गत इसके जीर्णोद्धार को स्वीकृति मिल गई है, जिससे क्षेत्रवासियों में नई उम्मीद जगी है।
सहायक परियोजना निदेशक, डीआरडीए नैनीताल चंद्रा फर्त्याल ने सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र बृजवासी को जानकारी देते हुए बताया कि उक्त प्रकरण को ‘सारा’ योजना में सम्मिलित कर लिया गया है। हाल ही में आयोजित बैठक में इसे औपचारिक रूप से स्वीकृति प्रदान की गई तथा भीमताल खंड विकास अधिकारी को शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र बृजवासी ने बताया कि वर्ष 2022 में इस प्राचीन जलधारा के अचानक सूख जाने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों और परिवहन चालकों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस समस्या को लेकर लगातार स्थानीय स्तर से लेकर राज्य स्तर तक प्रयास और पत्राचार किए गए। अंततः अरविंद कुमार पांडेय द्वारा मामले का संज्ञान लेते हुए इसे ‘सारा’ परियोजना में शामिल किया गया।
तीन वर्षों से सूखी इस धारा के पुनर्जीवन की खबर से वार्ड 6 सहित आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई है। कभी यह जल स्रोत पूरे क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ कुमाऊँ मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों के लिए जीवनदायिनी रहा है। अब इसके पुनः बहने की संभावना ने न केवल लोगों की प्यास बुझाने की उम्मीद जगाई है, बल्कि क्षेत्र की प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।