स्वामी विरेन्द्रानन्द द्वारा स्थापित शिव शक्ति आश्रम में होगा ‘आर्य महासम्मेलन’, महात्मा नारायण स्वामी की स्मृति में जुटेंगे भारत-नेपाल के दिग्गज

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​धारचूला/पिथौरागढ़: आर्य जगत के महान कर्मयोगी और तपस्वी महात्मा नारायण स्वामी जी की पावन स्मृति और उनके द्वारा किए गए सेवा कार्यों को श्रद्धांजलि देने के लिए पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र में एक भव्य ‘आर्य महासम्मेलन’ का आयोजन होने जा रहा है। आगामी 3, 4 और 5 अप्रैल को आयोजित होने वाला यह त्रिदिवसीय भारत-नेपाल आर्य शिखर सम्मेलन तवाघाट स्थित शिव शक्ति आश्रम में संपन्न होगा, जिसकी स्थापना महामण्डलेश्वर जूना अखाड़ा स्वामी विरेन्द्रानन्द द्वारा की गई है।
​महात्मा नारायण स्वामी के त्याग और समर्पण को किया जाएगा नमन
यह महासम्मेलन मुख्य रूप से महात्मा नारायण स्वामी के उस अप्रतिम योगदान को स्मरण करने के लिए आयोजित किया जा रहा है, जो उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पर बसे वनवासियों और आम जन के लिए किया था। दक्षिण भारत से आकर इस दुर्गम क्षेत्र को अपनी कर्मभूमि बनाने वाले स्वामी जी ने शिक्षा और चिकित्सा की अलख जगाई थी। उनके द्वारा स्थापित नारायणनगर (डीडीहाट) का बापू महाविद्यालय (अब राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय), अल्मोड़ा का आर्य अनाथालय, और कैलाश मानसरोवर यात्रियों की सेवा के लिए निर्मित सुप्रसिद्ध ‘नारायण आश्रम’ आज भी उनके भागीरथ प्रयासों की गवाही दे रहे हैं।
​भारत-नेपाल के आर्य बंधु और कई विशिष्ट हस्तियां होंगी शामिल
सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा और उत्तराखण्ड आर्य प्रतिनिधि सभा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में भारत और नेपाल के प्रमुख आर्य बंधु शिरकत करेंगे।
​सम्मेलन में सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान स्वामी आर्यवेश जी, उत्तराखण्ड सभा के प्रधान ई. प्रेम प्रकाश शर्मा जी, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द जी, और स्वामी गुरुकुलानन्द सरस्वती ‘डॉ. कच्चाहारी’ सहित अनेक वरिष्ठ संतों का सानिध्य और मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
​राजनीतिक दिग्गजों को भी भेजा गया है आमंत्रण
इस गरिमामयी अवसर पर राज्य और केंद्र के कई शीर्ष नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
​श्री पुष्कर सिंह धामी (मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड)
​श्री भगत सिंह कोश्यारी (पद्म विभूषण, पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड एवं पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र)
​श्री अजय टम्टा (केन्द्रीय राज्य मंत्री, भारत सरकार)
​श्री बिशन सिंह चुफाल (विधायक, डीडीहाट एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री)
​श्री हरीश धामी (विधायक, धारचूला)
​कार्यक्रम के संयोजक गोविन्द सिंह भण्डारी ने सभी आर्यजनों और आम जनता से इस महासम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने और स्वामी जी के विचारों से लाभान्वित होने का आग्रह किया है।