संक्षिप्त इंटरव्यू : भगत सिंह कोश्यारी,“संस्कार और संस्कृति से ही बनेगा सशक्त भविष्य” मोटाहल्दू में कोश्यारी जी का संदेश

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संक्षिप्त इंटरव्यू : भगत सिंह कोश्यारी
(भगत सिंह कोश्यारी पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र एवं पूर्व सी एम उत्तराखण्ड)
(कारगिल शहीद सैनिक स्कूल, मोटाहल्दू वार्षिकोत्सव अवसर पर)
प्रश्न: आज कारगिल शहीद सैनिक स्कूल मोटाहल्दू के वार्षिकोत्सव में आकर आपको कैसा लगा?
भगत सिंह कोश्यारी: मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई। बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम अत्यंत सराहनीय रहे। उनमें अनुशासन, प्रतिभा और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। यह विद्यालय न केवल शिक्षा दे रहा है, बल्कि राष्ट्रभाव और संस्कार भी दे रहा है।
प्रश्न: आपने अपने संबोधन में संस्कृति के ज्ञान पर विशेष जोर दिया, इसका क्या महत्व है?
कोश्यारी: हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है। यदि बच्चों को अपनी जड़ों, परंपराओं और राष्ट्र के गौरवशाली इतिहास का ज्ञान होगा, तभी वे सशक्त और चरित्रवान नागरिक बन पाएंगे। आधुनिक शिक्षा के साथ सांस्कृतिक मूल्यों का समन्वय आवश्यक है।
प्रश्न: अभिभावकों के लिए आपका क्या संदेश है?
कोश्यारी: माता-पिता बच्चों के प्रथम गुरु होते हैं। यदि घर से उत्तम संस्कार मिलते हैं तो विद्यालय की शिक्षा और अधिक प्रभावी हो जाती है। परिवार और विद्यालय मिलकर ही एक आदर्श समाज का निर्माण कर सकते हैं।
प्रश्न: विद्यालय के प्रयासों को आप किस रूप में देखते हैं?
कोश्यारी: यह विद्यालय देशभक्ति, अनुशासन और संस्कारों की शिक्षा देकर भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार कर रहा है। मैं विद्यालय परिवार को शुभकामनाएं देता हूं कि वे इसी प्रकार उत्कृष्ट कार्य करते रहें।
“शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कृति यही उज्ज्वल भविष्य की नींव है।”
भगत सिंह कोश्यारी पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र एवं पूर्व सी एम उत्तराखण्ड

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