मेधावी प्रतिभाओं का हुआ भव्य सम्मान: एशियन एकेडमी विद्यालय में शिक्षा, खेल और संस्कारों की त्रिवेणी का प्रेरक संगम 

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पिथौरागढ़, 19 अप्रैल 2026।

एशियन एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पिथौरागढ़ के सभागार में रविवार को आयोजित मेधावी प्रतिभा सम्मान समारोह उत्साह, गौरव और प्रेरणा से परिपूर्ण रहा। समारोह में सीबीएसई कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री तरुण पंत तथा विशिष्ट अतिथि प्रतिसार अधिकारी (आरआई) पुलिस लाइन श्री नरेंद्र जखमोला ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। 

बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान

सीबीएसई कक्षा 10 की परीक्षा में विद्यालय के 84 विद्यार्थियों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। इनमें विशेष रूप से शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मंच पर सम्मानित किया गया—

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प्रियांशी ओरा — 97.2% (सर्वोच्च अंक)

नितिन जोशी एवं दिव्यांशु बेलाल — 96.6%

प्रियंवदा जोशी — 95.8%

इसके अतिरिक्त यूकेजी के प्रतिभावान छात्र चित्रांश पांडे एवं शौर्य शर्मा, जिन्होंने हाल ही में नेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया, को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया। 

खेल प्रतिभाओं ने भी बढ़ाया विद्यालय का मान

समारोह में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया—

एंजल पुनेरा (कक्षा 10) — अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप में 4 स्वर्ण पदक; बोर्ड परीक्षा में 75% अंक

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खुशी चंद (कक्षा 10) — अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में 7 स्वर्ण पदक; बोर्ड परीक्षा में 65% अंक

यश कापड़ी (कक्षा 10) — अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 2 स्वर्ण पदक; बोर्ड परीक्षा में 75% अंक

इन उपलब्धियों ने विद्यालय परिसर को गर्व और प्रेरणा से भर दिया। 

प्रेरक संदेशों से उत्साहित हुए विद्यार्थी

विद्यालय के संस्थापक डॉ. स्वामी वीरेंद्रानंद जी ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों को अभिभावकों के संस्कार, गुरुजनों के आशीर्वाद तथा “चरेवेति–चरेवेति सिद्धांत” पर आधारित सतत कर्मशीलता का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि सफलता केवल अंकों से नहीं, बल्कि कुशल कार्य, क्रियात्मकता और सृजनात्मक बुद्धि से मापी जाती है।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा—

 

“कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।” 

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पूर्व छात्रा ने साझा किए सफलता के सूत्र

विद्यालय की पुरातन छात्रा हिमालय हिमानी जोशी, जो वर्तमान में आईआईटी मद्रास में तृतीय वर्ष की छात्रा हैं, ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए बौद्धिक एवं नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उन्होंने इसी विद्यालय से कक्षा 10 में 96% तथा कक्षा 12 में 92% अंक प्राप्त कर एआई ट्रिपल ई परीक्षा उत्तीर्ण की।

समारोह के अंत में विद्यालय परिवार द्वारा सभी अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का सफल समापन किया गया। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत बनकर उभरा।

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