लालकुआं/नैनीताल:
शीघ्र ही प्रकाशित होने जा रही बहुप्रतीक्षित पुस्तक ‘आदि शक्ति माँ अवंतिका’ के लिए सेंचुरी पल्प एण्ड पेपर मिल (लालकुआं) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री अजय कुमार गुप्ता ने अपनी भावपूर्ण मंगलकामनाएं प्रेषित की हैं। अपने ‘मंगल उद्बोधन’ में उन्होंने माँ अवंतिका कुंज को केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और लोक-जीवन का एक दिव्य व जीवंत केंद्र बताया है।
मंदिर बने सामाजिक चेतना का केंद्र
श्री गुप्ता ने अपने पत्र में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रासंगिक संदेश देते हुए कहा है कि वर्तमान समय में मंदिरों को केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इन्हें सामाजिक चेतना और सामूहिक उत्तरदायित्व का प्रेरणास्रोत बनना चाहिए। उन्होंने लिखा है कि माँ के धाम में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को यहाँ से सेवा, पर्यावरण संरक्षण और अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने का संकल्प लेकर लौटना चाहिए।
मानवता और पर्यावरण ही है ‘सच्चा प्रसाद’
एक उद्योगपति के रूप में अपने अनुभव को आध्यात्म से जोड़ते हुए सीईओ अजय कुमार गुप्ता ने स्पष्ट किया कि विकास, उद्योग और रोजगार तभी सार्थक हैं जब उनके मूल में मानवता, नैतिकता और संवेदनशीलता हो। उन्होंने एक बहुत ही सुंदर विचार साझा करते हुए कहा कि, “यदि प्रत्येक श्रद्धालु एक वृक्ष लगाए, एक सेवा कार्य करे या किसी जरूरतमंद की सहायता करे – तो यही माँ के चरणों में अर्पित होने वाला सच्चा प्रसाद होगा।” सद्बुद्धि और सौहार्द की कामना
अपने संदेश के अंत में श्री गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि सच्ची समृद्धि केवल भौतिक संपदा से नहीं, बल्कि संस्कार, सहयोग और करुणा से आती है। उन्होंने माँ अर्वतिका से प्रार्थना की है कि सभी के जीवन में सद्बुद्धि, सौहार्द और समृद्धि का प्रकाश सदैव बना रहे और यह पवित्र विरासत भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रहे।
उनका यह संदेश केवल एक मंगलकामना पत्र नहीं है, बल्कि समाज को पर्यावरण प्रेम, परोपकार और आध्यात्मिक संतुलन की ओर ले जाने वाला एक मार्गदर्शक आलेख है।
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