लालकुआँ। इन दिनों क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध माँ अवंतिका मंदिर अपनी एक अनोखी आभा के कारण हर किसी के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर परिसर में फैली इस असीम दिव्यता और अभूतपूर्व सुंदरता के पीछे छिपी एक शख्स की महीनों की अटूट तपस्या को सम्मानित करने के लिए बीते दिनों वहां एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान सेंचुरी मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अजय कुमार गुप्ता और उपाध्यक्ष नरेश चंद्रा की गरिमामयी उपस्थिति ने माहौल को और भी भव्य बना दिया। दरअसल, यह आयोजन किसी बड़े उत्सव के लिए नहीं, बल्कि मंदिर को अपने अथक परिश्रम से संवारने वाले एक सच्चे कर्मयोगी के सम्मान में था।
माँ अवंतिका के चरणों में निष्काम सेवा भाव समर्पित करने वाले गोपाल दत्त जोशी के कार्यों की आज चौतरफा सराहना हो रही है। उनकी इसी निस्वार्थ साधना को देखते हुए सेंचुरी मिल के सीईओ अजय गुप्ता ने उन्हें मंगल पट्टिका पहनाकर सम्मानित किया। इस भावुक कर देने वाले क्षण में प्रशंसा के सुंदर शब्द पिरोते हुए सीईओ अजय गुप्ता ने कहा कि निस्वार्थ भाव से की गई सेवा ही ईश्वर की सच्ची भक्ति है। गोपाल जी ने जिस लगन और पवित्र अंतःकरण से इस पावन धाम की व्यवस्था और सुंदरता को निखारा है, वह हम सभी के लिए परम प्रेरणादायक है। वहीं, मिल के उपाध्यक्ष नरेश चंद्रा ने उनके सेवा भाव को सराहते हुए कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल की वास्तविक रौनक वहां के सेवादारों के अटूट समर्पण से होती है और गोपाल जी का यह भगीरथ प्रयास वास्तविक कर्मयोग का एक अनुपम उदाहरण है।
विगत कई महीनों से गोपाल दत्त जोशी मंदिर परिसर के चारों ओर सुंदर फूलों की बागवानी तैयार करने और उनकी निरंतर देखरेख में दिन-रात जुटे हुए हैं। हमारी सनातन परंपरा में मंदिर में फूलों का एक विशेष और गहरा आध्यात्मिक महत्व माना गया है। फूल केवल बाहरी सुंदरता ही नहीं बढ़ाते, बल्कि वे पवित्रता, सात्विक ऊर्जा और ईश्वर के प्रति अगाध श्रद्धा का प्रतीक होते हैं। मंदिर में खिले फूल भक्तों के अशांत मन को शांति प्रदान करते हैं और संपूर्ण वातावरण को दैवीय सकारात्मकता से भर देते हैं। गोपाल जी द्वारा रोपे गए इन रंग-बिरंगे फूलों ने माँ अवंतिका धाम की भव्यता में चार चांद लगा दिए हैं, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को एक अलौकिक और सुखद अनुभूति हो रही है।
इस गौरवमयी और गरिमापूर्ण अवसर पर मंदिर कमेटी के अध्यक्ष लक्ष्मण खाती, महामंत्री भुवन पांडे और आचार्य पंडित चंद्र शेखर जोशी सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग साक्षी रहे। सभी ने गोपाल दत्त जोशी के इस समर्पण की खुले दिल से सराहना की। कार्यक्रम के समापन पर भावुक होते हुए गोपाल दत्त जोशी ने सभी उपस्थित जनों का सहृदय आभार व्यक्त किया। उन्होंने अत्यंत नम्रतापूर्वक कहा कि माँ अवंतिका की सेवा का यह अवसर मिलना उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। उन्होंने सेंचुरी मिल के शीर्ष प्रबंधन, मंदिर कमेटी के समस्त पदाधिकारियों और उपस्थित सभी सहयोगियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आप सभी का यह स्नेह और प्रोत्साहन मुझे सदैव धर्म, पर्यावरण और निस्वार्थ सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की शक्ति देता रहेगा।
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