भाजपा मंडल उपाध्यक्ष आनन्द रावल के पिता एवं पूर्व सैनिक श्री भीम सिंह रावल का निधन

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भाजपा मंडल उपाध्यक्ष आनन्द रावल के पिता एवं पूर्व सैनिक श्री भीम सिंह रावल का निधन

अंतिम यात्रा रविवार को निज निवास से चित्रशिला घाट के लिए होगी प्रस्थान

बिन्दुखत्ता:बिन्दुखत्ता क्षेत्र से एक बेहद हृदयविदारक और दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। भारतीय जनता पार्टी के बिन्दुखत्ता मण्डल उपाध्यक्ष श्री आनन्द रावल के पूज्य पिता एवं समाज के एक अत्यंत सम्मानित स्तंभ, श्री भीम सिंह रावल जी का स्वर्गवास हो गया है। उनके महाप्रयाण की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है और हर आँख नम है।

स्वर्गीय श्री भीम सिंह रावल जी महज़ एक नाम नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं, सरलता और श्रेष्ठ गुणों की एक अद्भुत मिसाल थे। वे एक ऐसे सहृदय, सौम्य और परोपकारी व्यक्ति थे जो समाज के हर वर्ग के सुख-दुख में निस्वार्थ भाव से हमेशा प्रथम पंक्ति में खड़े रहते थे। अपने मिलनसार स्वभाव और मददगार वृत्ति के कारण सम्पूर्ण क्षेत्र में उनकी विशेष ख्याति और अपार सम्मान था।

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माँ भारती की सेवा और कर्मभूमि बिन्दुखत्ता:

मूल रूप से गंगोलीहाट के सिमायल गाँव की माटी में जन्मे स्वर्गीय श्री रावल जी ने अपने जीवन का सबसे ऊर्जावान समय भारतीय सेना में रहकर देश की रक्षा में समर्पित किया था। सेना की गौरवशाली वर्दी पहनकर उन्होंने अदम्य साहस और अनुशासन के साथ माँ भारती की सेवा की। सेना से ससम्मान सेवानिवृत्त होने के पश्चात उन्होंने बिन्दुखत्ता को अपनी कर्मभूमि चुना। यहाँ आकर भी एक सच्चे सैनिक की तरह उनका जीवन जनसेवा, सामाजिक उत्थान और लोगों की भलाई के प्रति पूर्णतः समर्पित रहा।

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भरा-पूरा परिवार छोड़ गए स्मृतियों के सहारे:

पारिवारिक जीवन में वे एक आदर्श मार्गदर्शक थे। वे अपने पीछे अपनी धर्मपत्नी, दो सुपुत्रों (जिनमें आनन्द रावल जी शामिल हैं) और नाती-पोतों से भरा-पूरा और सुखी परिवार रोता-बिलखता छोड़ गए हैं। उनका जाना केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि सम्पूर्ण बिन्दुखत्ता क्षेत्र और समाज की एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं है।

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परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दिवंगत आत्मा की अंतिम यात्रा रविवार को उनके निज निवास से शुरू होकर रानीबाग स्थित पवित्र चित्रशिला घाट को प्रस्थान करेगी, जहाँ पूरे विधि-विधान और अश्रुपूरित नेत्रों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।

ईश्वर से यही प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में सर्वोच्च स्थान प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दें। उनके निधन पर क्षेत्र के तमाम राजनितिज्ञों गणमान्य नागरिकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है

ॐ शांति!

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