विकसित भारत मिशन: डा. मोहन सिंह बिष्ट ने ग्रामीण रोजगार, आजीविका और डिजिटल गवर्नेंस की बताई विशेषताएं

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लालकुआँ, 11 जनवरी 2026: उत्तराखण्ड के लालकुआँ से विधायक डा. मोहन सिंह बिष्ट ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित “विकसित भारत  रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन (ग्रामीण)” (VB-G RAM G) के नए नाम और दिशा-निर्देशों पर शैल शक्ति से वार्ता करते हुए इसकी विशेषताएं बताई
डा. बिष्ट ने कहा कि यह योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का विकासात्मक स्वरूप है, जो केवल रोजगार की गारंटी देने तक सीमित नहीं रहकर ग्रामीण विकास, टिकाऊ आजीविका और सम्मानजनक जीवन पर केंद्रित होगी। उन्होंने बताया कि योजना में प्रति परिवार 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है, जो पहले की 100 दिन की गारंटी से अधिक है।
विधायक बिष्ट ने आगे कहा:
“इस नए मिशन के माध्यम से हम ग्रामीण भारत में रोजगार के साथ-साथ आजीविका के अवसर भी बढ़ाएंगे। योजना में डिजिटलीकरण और मजबूत डिजिटल गवर्नेंस शामिल है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण से यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन स्तर को नई ऊँचाईयों तक ले जाने में सहायक होगी।”
डा. बिष्ट ने कांग्रेस जैसी पार्टियों द्वारा महात्मा गांधी का नाम हटाने और मूल अधिकारों को कमजोर करने के आरोपों पर कहा कि इस बदलाव का उद्देश्य केवल नाम बदलना नहीं बल्कि योजना के स्वरूप और प्रभाव को और व्यापक, सतत और विकासोन्मुख बनाना है।
उन्होंने ग्रामीण जनता से अपील की कि वे योजना के डिजिटल माध्यमों और स्थानीय सरकारी तंत्र का सही उपयोग करें, ताकि रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन का लाभ सीधे उनके परिवारों तक पहुंचे।
विधायक बिष्ट ने निष्कर्ष में कहा:
“VB-G RAM G सिर्फ रोजगार देने की योजना नहीं है, यह ग्रामीणों के आत्म-सम्मान, आजीविका और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम इसे सफल बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के साथ मिलकर काम करेंगे।”