देवी भागवत कथा में गूंजा भक्तिरस, श्रद्धालु भाव-विभोर

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लालकुआं। 

श्री बिंदेश्वर महादेव मंदिर, इंद्रानगर-2 बिंदुखत्ता में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत महाज्ञान यज्ञ के छठे दिन कथा व्यास पं. मनोज कृष्ण जोशी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवती ही समस्त सृष्टि की आदिशक्ति और जगत जननी हैं। उन्होंने कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब मां भगवती विभिन्न रूपों में अवतार लेकर भक्तों की रक्षा करती हैं।
व्यास जी ने रामचरित का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि स्वयं भगवान श्रीराम ने भी आदिशक्ति की महिमा का गुणगान किया है। उन्होंने कहा कि जीवन में शक्ति की उपासना अनिवार्य है। जो व्यक्ति सच्चे मन से मां भगवती का स्मरण करता है, उसके जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं और उसे सुख-शांति की प्राप्ति होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में धर्म, सेवा और संस्कारों को अपनाएं तथा नियमित रूप से कथा-श्रवण और भक्ति में मन लगाएं। प्रवचनों के दौरान मंदिर परिसर भक्तिरस में डूबा रहा और श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा श्रवण करते रहे। आयोजन में समिति अध्यक्ष शेर सिंह दानू, पुजारी नंदन गोस्वामी, कोषाध्यक्ष गोकुलानंद उपाध्याय, चंद्रशेखर कर्नाटक, जीवन रावत, कांता सिंह डसीला, महेश जोशी, जयराज भट्ट, सचिव देव सिंह देवली सहित राधा वल्लभ पांडे, राजेंद्र चौहान, चेतन पांडे, नंदन ऐरी, मनोज बसनायत, सागर शर्मा, विपिन चंद्र जोशी, बीना जोशी, शिवराज बिष्ट, रणजीत मेहरा, संजय टाकूली, कैलाश जोशी, सीमा रावत, बबीता बसनायत, सरिता गंगोला, देवकी गोस्वामी, माया उपाध्याय, पुष्पा भंडारी, गीता दानू, ईश्वर काला, धीरज कुंवर, रमेश गोस्वामी, पंकज गोस्वामी, अमित दानू, विजय सामंत, राजू भंडारी, लक्ष्मण भंडारी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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फोटो परिचय: प्रवचन करते कथा व्यास पं. मनोज कृष्ण जोशी।

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