“शिक्षित समिति—सशक्त विद्यालय”: एसएमसी सदस्यों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न

ख़बर शेयर करें

 

हल्दूचौड़।रिपोर्ट: रिम्पी बिष्ट/
न्याय पंचायत संसाधन केंद्र लाखनमंडी के अंतर्गत आने वाले 12 प्राथमिक, जूनियर एवं हाई स्कूलों के विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) सदस्यों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नवाडखेड़ा में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में कुल 60 सदस्यों ने प्रतिभाग कर विद्यालय विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्र हित से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान समग्र शिक्षा अभियान, शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, बाल अधिकार एवं संरक्षण, सामाजिक समपरीक्षा, स्थानीय प्राधिकारी की जिम्मेदारियाँ, विद्यालय मानचित्रण, बाल गणना, नामांकन बढ़ाने की रणनीतियाँ और पीएम पोषण योजना में एसएमसी की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

यह भी पढ़ें 👉  महाप्रलय के चक्रव्यूह में छिपा कलिकाल का परम गोपनीय मोक्ष-द्वार: जहां बर्फ के सीने में खौलता है ‘अग्निकुंड’ और साक्षात भगवती महालक्ष्मी बनाती हैं महाप्रसाद!

इसके साथ ही विद्यालय वित्तीय प्रबंधन, स्वच्छता, स्वास्थ्य, विद्यालय सुरक्षा, साइबर क्राइम जागरूकता, आपदा प्रबंधन, समावेशी शिक्षा, बालिका शिक्षा तथा विद्यालय विकास योजना (एस0डी0पी0) के प्रपत्रों की समीक्षा जैसी आवश्यक जानकारियाँ भी विस्तारपूर्वक प्रदान की गईं।

यह भी पढ़ें 👉  पहाड़ के युवाओं की मुखर आवाज़ या संगठन का मजबूत संवाहक: सादगी, संघर्ष और जनसेवा के पर्याय दीपेन्द्र कोश्यारी के जन्मोत्सव पर क्यों उमड़ा शुभकामनाओं का सैलाब?

प्रशिक्षण राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, उत्तराखंड द्वारा निर्मित मॉड्यूल के अनुसार आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित सदस्यों ने आश्वस्त किया कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को वे अपने विद्यालयों में क्रियान्वित कर शिक्षा की गुणवत्ता एवं विद्यालय प्रबंधन को और अधिक संवेदनशील, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाएंगे।

यह भी पढ़ें 👉  11 हजार फीट की ऊँचाई पर दफन मोक्ष का भूगोल: जहाँ बर्फ के गर्भ से फूटती है अग्नि, पारे के बुदबुदाते हैं कुंड और लोहे को स्वर्ण बनाती है लाल धारा

कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर के रूप में डिकर सिंह पडियार एवं सी.आर.पी. हिमांशु रौतेला द्वारा प्रशिक्षण दिया गया, जबकि नोडल अधिकारी के रूप में प्रधानाचार्य श्री राम पाल सिंह की उपस्थिति रही।

सूत्रों के अनुसार अगला तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 27 नवंबर से राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय लाखनमंडी में संचालित होगा।

 

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad