लालकुआँ।
माँ अवंतिका मंदिर प्रांगण में आयोजित मंदिर समिति की महत्वपूर्ण बैठक भावनात्मक वातावरण के बीच सम्पन्न हुई। बैठक में नई कार्यकारिणी के गठन से पूर्व मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय पूरन सिंह रजवार के मंदिर के लिए किए गए उल्लेखनीय विकास कार्यों को स्मरण करते हुए उपस्थित जनों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने उनके द्वारा मंदिर के उत्थान, विस्तार और धार्मिक गतिविधियों को नई दिशा देने में निभाई गई भूमिका की मुक्त कंठ से सराहना की।
इस अवसर पर समिति के एक अन्य पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय पी. एल. गुप्ता को भी श्रद्धापूर्वक याद किया गया। उपस्थित जनों ने उनके कार्यकाल में मंदिर परिसर में हुए विकास कार्यों और धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में उनके योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह लोटनी ने अपने संबोधन में कहा कि माँ अवंतिका मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का केंद्र है। उन्होंने कहा कि पूर्व अध्यक्षों ने मंदिर के विकास के लिए जो नींव रखी है, उसे आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है।
मंदिर समिति के महामंत्री भुवन पाण्डे ने कहा कि माँ अवंतिका मंदिर की सेवा और विकास के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने मंदिर की परंपराओं और धार्मिक आयोजनों को और अधिक भव्य बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रेस क्लब अध्यक्ष बी. सी. भट्ट ने अपने विचार रखते हुए कहा कि मंदिर क्षेत्र की धार्मिक चेतना का प्रतीक है और इसके विकास के लिए समाज का हर व्यक्ति अपनी भूमिका निभाने को तत्पर है।
सभासद भुवन पांडे ने कहा कि माँ अवंतिका मंदिर क्षेत्र की आस्था का केंद्र है और इसके संरक्षण व विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।
सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण खाती ने कहा कि मंदिर का धार्मिक और सामाजिक महत्व अत्यंत व्यापक है और इसके विकास में सभी जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं का सहयोग आवश्यक है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष दीवान सिंह बिष्ट ने कहा कि माँ अवंतिका मंदिर से पूरे क्षेत्र की आस्था जुड़ी हुई है और व्यापारी वर्ग भी मंदिर के विकास और धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर योगदान देगा।
एडवोकेट हरीश नैनवाल ने कहा कि मंदिर की गरिमा और परंपरा को बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है और इसके लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
सभासद धन सिंह बिष्ट ने कहा कि मंदिर क्षेत्र की धार्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र है और इसके विकास के लिए समाज को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।
राधे राधे सेवा समिति के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि माँ अवंतिका मंदिर सेवा और भक्ति का केंद्र है तथा यहां से समाज को सदैव सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
समाजसेवी नंदन राणा ने कहा कि मंदिर के विकास और धार्मिक गतिविधियों के विस्तार से क्षेत्र की आध्यात्मिक चेतना और अधिक मजबूत होगी।
समाजसेवी कुन्दन सिंह कनवाल ने कहा कि माँ अवंतिका मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं बल्कि समाज को जोड़ने वाली शक्ति है।
युवा समाजसेवी हेमंत पांडे ने कहा कि युवाओं को भी मंदिर से जुड़कर सेवा कार्यों और धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
इस अवसर पर आनंद सिंह रजवार, रघुवीर सिंह रजवार, योगेश उपाध्याय, कुंदन सिंह नेगी, रविंद्र यादव, शैलेन्द्र राठौड़, ए.के. गुप्ता, नरेश चौधरी, वरुण पाठक, मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित चंद्रशेखर जोशी, विक्की रजवार, शंकर बिष्ट, राजेंद्र रावत, संजय म्यान, सुरेश बिष्ट, ललित भट्ट, रौनक कनवाल, पवन रस्तोगी, दीवान राणा, अरुण जोशी, दीपू नयाल, राजेन्द्र सिंह रावत तथा युवराज खाती सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बैठक में माँ अवंतिका मंदिर के भविष्य के विकास, धार्मिक आयोजनों की भव्यता तथा नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित श्रद्धालुओं ने मंदिर की परंपराओं को सशक्त बनाने और इसके विकास में सामूहिक सहयोग का संकल्प लिया।
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