भीमताल पुलिस की उत्कृष्ट और त्वरित कार्रवाई: युवतियों को झांसा देकर जबरन धर्मांतरण कराने वाला शातिर मास्टरमाइंड गिरफ्तार

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भीमताल पुलिस की उत्कृष्ट और त्वरित कार्रवाई: युवतियों को झांसा देकर जबरन धर्मांतरण कराने वाला शातिर मास्टरमाइंड गिरफ्तार

नैनीताल/भीमताल: कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता का एक शानदार उदाहरण पेश करते हुए, भीमताल पुलिस ने एक बेहद संवेदनशील और बहुचर्चित धर्मांतरण प्रकरण का पर्दाफाश किया है। पुलिस की इस सराहनीय और अथक कार्रवाई के चलते लंबे समय से फरार चल रहा मुख्य आरोपी मोहम्मद यूनुस उर्फ ‘AMDY’ आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है और अब सलाखों के पीछे है।

भीमताल पुलिस और संयुक्त टीम का सघन अभियान

इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नैनीताल, डॉ. मंजूनाथ टीसी के कुशल नेतृत्व और एसपी क्राइम नैनीताल, डॉ. जगदीश चन्द्र के पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम में भीमताल पुलिस, एसआईटी (SIT) और एसओजी (SOG) के अधिकारी शामिल थे। आरोपी ने कानूनी शिकंजे से बचने के लिए माननीय हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन उसे वहां से कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद भीमताल पुलिस और संयुक्त टीम ने अपनी दबिश तेज कर दी और लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर इस शातिर अपराधी को नैनीताल क्षेत्र से धर दबोचा। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

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धोखे का जाल: ऐसे बिछाता था अपना चक्रव्यूह

पुलिस की विस्तृत जांच में आरोपी की एक बेहद खौफनाक और सोची-समझी साजिश का खुलासा हुआ है। आरोपी मो. यूनुस (निवासी कुँआताल, भीमताल) अपनी वास्तविक और धार्मिक पहचान छिपाकर और अलग-अलग फर्जी नामों का इस्तेमाल कर युवतियों को अपने जाल में फंसाता था। महिलाओं का विश्वास जीतने के लिए वह फोटोग्राफी, वीडियो शूट, ट्रैकिंग और म्यूजिक सेशन जैसी आधुनिक और आकर्षक गतिविधियों का सहारा लेता था। एक बार जब पीड़िता उसके प्रभाव में आ जाती, तो वह अपना असली रंग दिखाना शुरू करता था।

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17 लाख की ठगी और धर्मांतरण का मानसिक दबाव

मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस में तहरीर दी। पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2020 में संपर्क में आने के बाद आरोपी ने उसे भावनात्मक रूप से अपने नियंत्रण में लिया और विभिन्न उपकरणों (जैसे महंगे कैमरा, लेंस और मोबाइल) की खरीद पर करीब 17 लाख रुपये खर्च करवा दिए। आर्थिक रूप से पूरी तरह फायदा उठाने के बाद, उसने शादी का झांसा देकर अपनी असल धार्मिक पहचान उजागर की और पीड़िता पर धीरे-धीरे धर्म परिवर्तन करने का भारी दबाव बनाना शुरू कर दिया।

सख्त धाराओं में मुकदमा और पुलिस का कड़ा संदेश

मामला तब और भी गंभीर और व्यापक हो गया जब अन्य पीड़िताओं ने भी आगे आकर इसी तरह के शोषण और जबरन धर्मांतरण के प्रयास की शिकायतें दर्ज कराईं। कोर्ट के आदेश और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल संज्ञान लिया। मल्लीताल थाने में दिनांक 29/04/2026 को आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया, जिनमें शामिल हैं:

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 उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018** की धारा 3/5

 भारतीय न्याय संहिता (BNS)* की धारा 115, 319, और 69

भीमताल पुलिस की यह शानदार कामयाबी न केवल खौफ में जी रही पीड़िताओं को न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह समाज के असामाजिक तत्वों को एक कड़ा संदेश भी है कि महिलाओं की सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता के साथ खिलवाड़ करने वालों से पुलिस पूरी सख्ती के साथ निपटेगी।

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