लालकुआँ: सनातन धर्म की सेवा, प्रचार-प्रसार और समाज कल्याण के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए समाज सेवी व एडवोकेट गणेश कांडपाल को एक बड़ी और अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। ‘सनातन महापरिषद् भारत’ (पंजीकृत) ने उन्हें अपनी उत्तराखंड प्रदेश कार्यकारिणी में ‘कुमाऊँ अध्यक्ष’ के पद पर मनोनीत किया है।
संगठन के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष योगी महेंद्र नाथ द्वारा 26 अप्रैल 2026 को जारी मनोनयन पत्र के माध्यम से इस नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा की गई। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि श्री कांडपाल की धर्म, संस्कृति एवं समाज कल्याण हेतु निष्ठा को ध्यान में रखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है। यह मनोनयन अगले दो वर्षों के लिए मान्य होगा।
ईमानदारी और सनातन मूल्यों पर जोर
प्रदेश अध्यक्ष ने भरोसा जताया है कि यह नियुक्ति क्षेत्र में धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। संगठन ने श्री कांडपाल से अपेक्षा की है कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और सनातन मूल्यों के अनुरूप करेंगे। साथ ही, संगठन की नीतियों, उद्देश्यों और सिद्धांतों को सुदृढ़ रखने में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे।
अनैतिक गतिविधियों पर सख्त चेतावनी
संगठन ने अनुशासन पर जोर देते हुए मनोनयन पत्र में यह स्पष्ट निर्देश भी दिया है कि उन्हें संस्था के सिद्धांतों के अनुसार ही कार्य करना होगा। यदि वह किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाते हैं, तो संस्था उनकी सदस्यता समाप्त कर उन्हें तुरंत इस पद से मुक्त कर देगी।

इस मनोनयन के बाद, सनातन धर्म से जुड़े स्थानीय लोगों और उनके समर्थकों में हर्ष का माहौल है। बता दें कि ‘सनातन महापरिषद् भारत’ राष्ट्रीय संरक्षक योगी राम नाथ जी और राष्ट्रीय अध्यक्ष सी एम पांडेय के मार्गदर्शन में देश भर में सनातन धर्म के संवर्धन के लिए कार्य कर रहा है।
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