गोल्ज्यू यात्रा 2026: कमस्यार घाटी में माँ भद्रकाली का आशीर्वाद लेकर अगले पड़ाव के लिए रवाना हुई देवयात्रा

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​ बागेश्वर/हिमालय की संस्कृति की रक्षा हेतु समर्पित ‘अपनी धरोहर न्यास’ द्वारा आयोजित भव्य ‘गोल्ज्यू यात्रा 2026’ पूरे उत्साह के साथ देवभूमि में आगे बढ़ रही है। बुधवार (29 अप्रैल 2026) को यह यात्रा कुमाऊं के प्रसिद्ध शक्तिपीठ और कमस्यार घाटी स्थित माँ भद्रकाली के दरबार में पहुंची थी, जहां रात्रि विश्राम के बाद आज (गुरुवार) देव डोलियों ने अपने अगले पड़ाव के लिए प्रस्थान किया।

माता के जयकारों से गुंजायमान हुआ शक्तिपीठ

बुधवार को जैसे ही यात्रा ने कमस्यार घाटी में प्रवेश किया, पूरा क्षेत्र माता के जयकारों और शंख-घंटियों की ध्वनि से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने यहाँ स्थित अत्यंत प्राचीन और सिद्ध शक्तिपीठ माँ भद्रकाली के दर्शन किए। लंबी और थका देने वाली यात्रा के बावजूद, माता के दरबार में पहुंचते ही भक्तों के चेहरों पर एक अलौकिक चमक और ऊर्जा लौट आई। सभी ने विधि-विधान से माता की विशेष पूजा-अर्चना की और परिवार तथा विश्व के कल्याण व सुख-समृद्धि की कामना की।

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नई ऊर्जा के साथ अगले पड़ाव के लिए प्रस्थान

माँ भद्रकाली के पवित्र प्रांगण में विश्राम करने और माता का पावन आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद, आज (गुरुवार) सुबह यह यात्रा एक नई ऊर्जा और उत्साह के साथ अपने अगले पड़ाव के लिए विदा हुई।

​यात्रा का हालिया और आगामी मार्ग:
कार्यक्रम के अनुसार, 29 अप्रैल को यात्रा ने कर्णप्रयाग से प्रस्थान किया था और गरुड़, बागेश्वर, कांडा तथा भंडारीग्वाल देवता होते हुए शाम 5:00 बजे भद्रकाली पहुंची थी। यहां दर्शन और रात्रि विश्राम के पश्चात्, आज 30 अप्रैल 2026 को सुबह 5:00 बजे यह यात्रा भद्रकाली से महाकाली गंगोलीहाट के लिए रवाना हो गई है।
​आज (30 अप्रैल 2026) के दिन यात्रा के प्रमुख पड़ाव इस प्रकार रहेंगे:
​सुबह 8:00 बजे यात्रा महाकाली गंगोलीहाट पहुंचेगी।
​इसके पश्चात् माता मंदिर गंगोलीहाट, कोटेश्वर और बेरीनाग होते हुए दोपहर 12:30 बजे बेरीनाग से प्रस्थान करेगी।
​दोपहर 1:00 बजे यात्रा पुंगीश्वर महादेव पहुंचेगी।
​पुंगीश्वर महादेव से कोटगाड़ी मंदिर और फिर शाम 5:00 बजे चौसालानो देवी मंदिर के लिए प्रस्थान करेगी।
​शाम 7:30 बजे यात्रा थल पहुंचेगी।
​आज का रात्रि विश्राम थल में ही निर्धारित किया गया है।

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​यात्रा के बारे में मुख्य तथ्य:
​इस पावन यात्रा का आरंभ 19 अप्रैल 2026 (रविवार) को अक्षय तृतीया के दिन चंपावत स्थित मंदिर में पूजन व अनुष्ठान के साथ हुआ था।
​यात्रा का आयोजन ‘अपनी धरोहर’ (पंजीकरण संख्या IN-UK51407031015997W) द्वारा किया जा रहा है।
​इस यात्रा के अध्यक्ष श्री विजय भट्ट हैं।
​विभिन्न तीर्थ स्थलों और देव मंदिरों से होते हुए इस यात्रा का भव्य समापन 9 मई 2026 को देवीधुरा और लोहाघाट होते हुए दोपहर 1:00 बजे वापस चंपावत में होगा।

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​यह देवयात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि देवभूमि की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को जन-जन तक पहुँचाने और सहेजने का एक भागीरथ प्रयास भी है।

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