गोलज्यू की वंदना के साथ लालकुआँ में भव्य उत्तरायणी मेला प्रारंभ, संस्कृति और आस्था की अद्भुत छटा

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लालकुआँ।
इंसाफ के लोक देवता गोलज्यू देव के जयकारों और वंदना के साथ लालकुआँ में भव्य उत्तरायणी मेला विधिवत रूप से प्रारम्‍भ हो गया। पारंपरिक संस्कृति की आभा, झोड़ा-चांचरी की मधुर लय और वालीवाल प्रतियोगिता के जोश ने मेले के प्रथम दिवस को खास बना दिया। मंच से कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने देर रात तक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किए रखा।
मुख्य अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल ने कहा कि उत्तरायणी मेला हमारी सांस्कृतिक पहचान का उत्सव है, जो पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ता है। उन्होंने गोलज्यू देवता के आशीर्वाद से क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
अति विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक नवीन चन्द्र दुम्का ने कहा कि यह मेला सामाजिक एकजुटता और लोकजीवन के उत्साह का प्रतीक है।
पीसीसी सदस्य हरेन्द्र बोरा ने कहा कि मेले से स्थानीय कलाकारों को बड़ा मंच मिलता है और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था भी सशक्त होती है। अपनी संस्कृति को जानने समझने का अवसर मिलता है
समाजसेवी रवि शंकर तिवारी ने उत्तरायणी पर्व को जन-जन को जोड़ने वाला उत्सव बताया।
नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष भुवन पाण्डे ने कहा कि गोलज्यू देवता के आशीर्वाद से न्याय और आस्था की यह भूमि सदैव प्रेरणा देती रही है।
कार्यक्रम का सफल संचालन धन सिंह बिष्ट ने किया।
उत्तरायणी मेला समिति के अध्यक्ष दीवान सिंह बिष्ट ने बताया कि इस बार मेला अधिक भव्य रूप में आयोजित किया गया है, जिसमें सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, खेल प्रतियोगिताएँ और महिला स्व-सहायता समूहों की प्रदर्शनी विशेष आकर्षण हैं। उन्होंने जनता से अनुशासन और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की।
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह लोटनी, माँ अवंतिका मंदिर समिति के अध्यक्ष पूरन सिंह रजवार विधायक प्रतिनिधि गोविन्द राणा, हरीश नैनवाल कमलेश यादव, हेमन्त पाण्डेय, नारायण सिंह बिष्ट, विनोद पाण्डे, कुन्दन सिंह कनवाल, दीपू नयाल सहित सैकड़ों की संख्या में मातृ शक्तियों और स्थानीय नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
झोड़ा-चांचरी की मनमोहक धुनों और वालीवाल प्रतियोगिता के रोमांच के साथ उत्तरायणी मेले की रौनक ने नगर को उत्सवमय कर दिया है।