लालकुआँ। कुमाऊँ की सांस्कृतिक धरोहर और लोक उत्सवों का प्रतीक उत्तरायणी मेला इस वर्ष लालकुआँ में भव्य और अद्भुत रूप में आयोजित होने जा रहा है। मेले की तैयारियों और आयोजनों को लेकर उत्तरायणी मेला समिति के कोषाध्यक्ष हरीश नैनवाल ने अपने विचार साझा किए।
हरीश नैनवाल के अनुसार, यह मेला केवल एक पारंपरिक उत्सव नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक एकता और लोक परंपराओं का उत्सव भी है। उन्होंने बताया कि मेले में दर्शकों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य, भजन-कीर्तन, गोलू देवता का डोला और बच्चों व युवाओं के लिए विभिन्न आकर्षण होंगे।
कोषाध्यक्ष हरीश नैनवाल ने कहा कि समिति ने मेला भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। उन्होंने स्थानीय समाज और मातृ शक्तियों से भी अपील की कि वे इस मेले में भाग लेकर इसे सफल और यादगार बनाएं।
हरीश नैनवाल ने विशेष रूप से कहा, “लालकुआँ का उत्तरायणी मेला इस बार अद्भुत और अविस्मरणीय होगा। यह हमारी संस्कृति, आस्था और लोक परंपराओं का सजीव अनुभव होगा।”
मेला 11 जनवरी से 15 जनवरी तक आयोजित होगा और समिति का उद्देश्य है कि हर व्यक्ति इस उत्सव का आनंद ले और स्थानीय संस्कृति का उत्सव साझा करे।
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