‘स्वस्थ जीवन और स्वच्छ प्रकृति ही है सच्चे विकास का आधार’: वॉकथॉन के अवसर पर सेंचुरी मिल के उपाध्यक्ष नरेश चन्द्रा का प्रेरक संदेश

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‘स्वस्थ जीवन और स्वच्छ प्रकृति ही है सच्चे विकास का आधार’: वॉकथॉन के अवसर पर सेंचुरी मिल के उपाध्यक्ष नरेश चन्द्रा का प्रेरक संदेश
लालकुआं: सेंचुरी मिल द्वारा रविवार को आयोजित ‘ग्रीन सेंचुरी, क्लीन सेंचुरी’ वॉकथॉन ने क्षेत्र में स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस भव्य आयोजन में जहाँ एक ओर भारी जनसैलाब उमड़ा, वहीं मिल के शीर्ष प्रबंधन ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी से सभी को प्रेरित किया। इस गौरवमयी अवसर पर सेंचुरी मिल के उपाध्यक्ष श्री नरेश चन्द्रा ने मातृ शक्ति, कर्मचारियों और स्थानीय जनता को संबोधित करते हुए एक अत्यंत ऊर्जावान और प्रेरक संदेश दिया।
औद्योगिक प्रगति के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी हमारी प्राथमिकता
श्री नरेश चन्द्रा ने अपने संदेश में कहा, “सेंचुरी मिल केवल औद्योगिक उत्पादन का केंद्र नहीं है, बल्कि यह एक विशाल परिवार है। हमारी सच्ची प्रगति तभी सार्थक है, जब हम अपने आस-पास के पर्यावरण को स्वच्छ रखें और हमारा समाज भी पूरी तरह स्वस्थ रहे।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ प्रकृति का संतुलन बनाए रखना आज के समय की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे सेंचुरी मिल पूरी निष्ठा के साथ निभा रही है।
‘कर्मचारियों का उत्तम स्वास्थ्य ही संस्थान की असली पूंजी’
संस्थान के कर्मचारियों की फिटनेस और भलाई पर बात करते हुए उपाध्यक्ष महोदय ने कहा, “हमारे अधिकारी और कर्मचारी ही इस संस्थान की असली रीढ़ और हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं। प्लांट के भीतर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने वाले हमारे साथियों के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना बेहद जरूरी है। यह ‘वॉकथॉन’ मात्र एक आयोजन नहीं, बल्कि एक स्वस्थ दिनचर्या की शुरुआत का शुभ प्रतीक है।”
मातृ शक्ति की भागीदारी को किया नमन
वॉकथॉन में सैकड़ों की संख्या में उपस्थित महिलाओं (मातृ शक्ति) के उत्साह को देखकर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्री नरेश चन्द्रा ने कहा, “जब किसी परिवार और समाज की मातृ शक्ति स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूक हो जाती है, तो वह पूरा समाज स्वतः ही एक नई, सुरक्षित और सकारात्मक दिशा की ओर कदम बढ़ा लेता है। महिलाओं की यह भारी उपस्थिति इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता है।”
एक संकल्प: ‘हर कदम सेहत की ओर, हर कदम धरती की ओर’
अपने संदेश के अंत में श्री नरेश चन्द्रा ने स्थानीय निवासियों और मिल परिवार से एक भावपूर्ण अपील की। उन्होंने कहा, “आज से हम सभी यह संकल्प लें कि इस अभियान को केवल एक दिन तक सीमित न रखकर इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएंगे। छोटी दूरियों के लिए वाहनों का त्याग करें और पैदल चलने की आदत डालें। आपका यह छोटा सा बदलाव आपके शरीर को निरोगी और हमारी धरती को हरा-भरा बनाने में एक मील का पत्थर साबित होगा।”