मल्ला महल में इतिहास ने ओढ़ी रोशनी की चादर: लेज़र शो का वैदिक मंत्रोच्चारण संग भव्य शुभारंभ

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अल्मोड़ा।
उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहरों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए 1 जनवरी 2026 को अल्मोड़ा स्थित मल्ला महल (पूर्व जिलाधिकारी कार्यालय) परिसर में करोड़ों की लागत से तैयार लेज़र शो और अत्याधुनिक लाइटिंग परियोजना का भव्य शुभारंभ किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज जी ने विधिवत उद्घाटन कर इसे सांस्कृतिक संरक्षण की नई मिसाल बताया।
मल्ला महल, जो कुमाऊँ की ऐतिहासिक और प्रशासनिक विरासत का प्रतीक रहा है, अब आधुनिक प्रकाश और संगीत संयोजन से सुसज्जित होकर एक नए स्वरूप में सामने आया है। यह परियोजना उत्तराखंड का पहला ऐसा जिला स्तरीय प्रयास है, जहाँ किसी प्राचीन धरोहर को लेज़र शो और आधुनिक लाइटिंग तकनीक से संवारा गया है।

दिन-रात की मेहनत से साकार हुआ स्वप्न

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इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना के डायरेक्टर तन्मय बर्मा और उनकी पूरी टीम ने दिन-रात अथक परिश्रम कर इसे समयबद्ध रूप से पूर्ण किया। परियोजना के अंतर्गत मल्ला महल की स्थापत्य शैली को ध्यान में रखते हुए विशेष लाइट्स, संगीत प्रणाली और दृश्य प्रभावों के उपकरण लगाए गए हैं, जिससे ऐतिहासिक स्वरूप अक्षुण्ण रहते हुए उसकी भव्यता और अधिक निखर कर सामने आए।

सरकार और प्रशासन का अहम योगदान
इस प्राचीन धरोहर के संरक्षण और सौंदर्यीकरण में उत्तराखंड सरकार एवं जिलाधिकारी अल्मोड़ा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रशासनिक सहयोग से यह सुनिश्चित किया गया कि आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए भी ऐतिहासिक संरचना को कोई क्षति न पहुँचे।

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महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज जी का प्रेरक बयान

शुभारंभ अवसर पर महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज जी ने कहा
“हमारी प्राचीन धरोहरें केवल पत्थर और इमारतें नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, इतिहास और आत्मा की पहचान हैं। मल्ला महल में लेज़र शो का शुभारंभ इस बात का प्रतीक है कि हम आधुनिकता को अपनाते हुए भी अपनी जड़ों को नहीं भूल रहे। जब वैदिक मंत्रों की गूंज आधुनिक प्रकाश से मिलती है, तब संस्कृति और विज्ञान का सुंदर संगम दिखाई देता है। यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों को अपनी विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा।”

गणमान्य लोग रहे उपस्थित

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इस अवसर पर आचार्य लोकेश जोशी, तन्मय बर्मा, अमित भट्ट, प्रियाशू जोशी, जीवन पिपलिया, PWD विभाग के अधिकारी एवं अल्मोड़ा के विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को अल्मोड़ा के पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान के लिए मील का पत्थर बताया।

पर्यटन और संस्कृति को मिलेगा नया आयाम

लेज़र शो और लाइटिंग परियोजना के शुरू होने से न केवल मल्ला महल की ऐतिहासिक भव्यता और अधिक निखरेगी, बल्कि अल्मोड़ा के पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा। शाम के समय प्रकाश और संगीत के समन्वय से सजी यह धरोहर स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगी।

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