मानव-वन्यजीव संघर्ष का खौफनाक मंजर: टांडा रेंज में तारबाड़ तोड़ खेत में घुसा हाथी, दो लोगों को कुचलकर उतारा मौत के घाट
लालकुआं। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज के अंतर्गत शाह पठानी गांव में मंगलवार देर रात मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई। यहां भोजन की तलाश में जंगल से बाहर आए एक खूंखार हाथी ने खेत की तारबाड़ तोड़ दी और पेड़ के नीचे सो रहे दो लोगों को बुरी तरह कुचल दिया। इस भीषण हमले में दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
लगातार गहरा रहा है मानव-वन्यजीव संघर्ष
जंगलों के सिकुड़ते दायरे और प्राकृतिक आवासों में मानवीय दखल के चलते वन्यजीवों का आबादी और कृषि क्षेत्रों की ओर रुख करना इस क्षेत्र की एक गंभीर नियति बन चुका है। मानव और वन्यजीवों (विशेषकर हाथियों) के बीच यह बढ़ता संघर्ष अब केवल फसलों के नुकसान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे तौर पर इंसानी जानों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है। शाह पठानी गांव की यह दुखद घटना इसी बेलगाम होते संघर्ष का एक और खौफनाक परिणाम है, जिसने एक बार फिर वन विभाग की सुरक्षा तैयारियों और ग्रामीणों की मजबूरी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुबह खेत में मिले क्षत-विक्षत शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना का पता बुधवार सुबह तड़के तब लगा जब ग्रामीण खेतों की ओर गए। वहां दोनों व्यक्तियों को अचेत और क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा देख हड़कंप मच गया। मृतकों में से एक की पहचान 75 वर्षीय बांधो प्रजापति (मूल निवासी झारखंड) के रूप में हुई है, जो लंबे समय से खत्तों में रहकर लोगों के खेतों की रखवाली करते थे। बीती रात वह शाह पठानी निवासी विशंभर दत्त जोशी के खेत में चौकीदारी कर रहे थे, तभी हाथी ने उन पर हमला कर दिया।
वहीं, दूसरे मृतक की शिनाख्त अभी तक नहीं हो सकी है। उसकी उम्र लगभग 60 वर्ष के आसपास बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ था और अक्सर उसी इलाके में घूमता रहता था।
अधिकारियों ने किया मुआयना, मुआवजे का आश्वासन
दोहरे हत्याकांड की सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें फौरन मौके पर पहुंच गईं। तराई केन्द्रीय वन प्रभाग के डीएफओ उमेश चन्द्र तिवारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी अमित सैनी, उप प्रभागीय वनाधिकारी शशी देव, तहसीलदार ईश्वरी सिंह भीमा, कोतवाल ब्रजमोहन सिंह राणा और रेंजर रूपनारायण गौतम ने घटनास्थल का सघन निरीक्षण किया।
डीएफओ उमेश चन्द्र तिवारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि होगी। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को नियमानुसार उचित मुआवजा और प्रभावितों को हर संभव सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है। वहीं, तहसीलदार ईश्वरी सिंह भीमा ने बताया कि घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया है। राजस्व, पुलिस और वन विभाग की टीमें अपने-अपने स्तर से घटना की जांच में जुट गई हैं।
क्षेत्र में फैली दहशत, टीमें अलर्ट पर
इस दर्दनाक घटना के बाद से शाह पठानी और आसपास के समूचे इलाके में भारी दहशत का माहौल है। मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के सभी क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे जंगल से सटे इलाकों में अकेले न जाएं और रात के समय विशेष सावधानी बरतें। हाथियों के मूवमेंट पर लगातार नजर रखने के लिए वन विभाग की गश्ती टीमों को ‘अलर्ट मोड’ पर रखा गया है।
लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -
👉 वॉट्स्ऐप पर हमारे समाचार ग्रुप से जुड़ें
