बिंदुखत्ता के इंद्रानगर में बाघ का भारी खौफ: पालतू जानवरों का किया शिकार, पिंजरा लगाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग को सौंपा ज्ञापन

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नंदा सुनंदा मंदिर से विकासपुरी मार्ग पर लगातार देखा जा रहा बाघ, 13 अगस्त की रात बाल-बाल बचा था स्थानीय युवक
 महिलाओं व बच्चों का घरों से निकलना हुआ दूभर; वन विभाग से शाम और रात की नियमित गश्त शुरू करने की मांग
बिंदुखत्ता:
ग्राम इंद्रानगर प्रथम (बिंदुखत्ता) के आबादी क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बाघ की लगातार आवाजाही के चलते ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। बाघ की सक्रियता से क्षेत्र में जनहानि का खतरा बढ़ गया है, जिसे लेकर ग्रामीणों ने प्रभागीय वनाधिकारी एवं वन क्षेत्राधिकारी को पत्र भेजकर सुरक्षा, पिंजरा लगाने और नियमित गश्त कराने की पुरजोर मांग की है।
रास्ते में बाघ से हुआ था युवक का आमना-सामना
ग्रामीणों के अनुसार, नंदा सुनंदा मंदिर से विकासपुरी जाने वाले मार्ग (विशेषकर हेमा पांडे व कविता जोशी के आवास के समीप) पर बाघ लगातार देखा जा रहा है। बीते 13 अगस्त की रात करीब 10 बजे स्थानीय निवासी अजय सिंह अपने साथी के साथ लौट रहे थे, तभी रास्ते में बाघ से उनका सीधा आमना-सामना हो गया। दोनों युवकों द्वारा तत्परता दिखाते हुए शोर मचाने पर बाघ जंगल की ओर भागा, जिससे गंभीर हादसा होने से टल गया।

मवेशियों व पालतू जानवरों को बनाया निवाला
ज्ञापन पत्र के अनुसार बाघ ने आबादी क्षेत्र में घुसकर पालतू जानवरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है:
* श्रीमती हेमा पांडे: 1 गाय की बछिया और 1 पालतू कुत्ता
* श्रीमती कविता जोशी: 2 पालतू कुत्ते
* श्री गोविंद सिंह बिष्ट: 1 पालतू कुत्ता
क्षेत्रवासियों ने बताया कि बाघ के आतंक के कारण महिलाओं और छोटे बच्चों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूर्व में फोन से सूचना देने के बावजूद वन विभाग द्वारा राहत कार्य करने के बजाय ग्रामीणों से ही सबूत मांगे जा रहे हैं, जिसे लेकर स्थानीय जनता में गहरा रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
* आबादी वाले संवेदनशील क्षेत्र में अविलंब लोहे का पिंजरा लगाकर बाघ को पकड़ा जाए।
* वन कर्मियों की शाम एवं रात्रि कालीन नियमित गश्त तत्काल प्रभाव से शुरू की जाए।
विद्यागीय अधिकरियों को भेजे गये ज्ञापन में:
दिनेश जोशी, अजय सिंह, हेमा पांडे, कविता जोशी, गोविन्द सिंह बिष्ट, नीमा भोजक, राम सिंह कुंवर, विक्रम डोबाल, मोहन राय, संजय सिंह, रविंद्र बिष्ट सहित इंद्रानगर सहित अनेकों के हस्ताक्षर है 

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