कुचौली में महर्षि कुशण्डी ऋषि के प्राचीन हवन कुण्ड को मिला भव्य स्वरूप, ग्रामवासियों ने श्रद्धापूर्वक किया पूजन

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बागेश्वर।
जनपद बागेश्वर के हिमालयी अंचल में स्थित आध्यात्मिक महत्व से समृद्ध कुचौली गाँव एक बार फिर धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बन गया है। यहाँ प्राचीन काल से जुड़ी आस्था के प्रतीक महर्षि कुशण्डी ऋषि के हवन कुण्ड को ग्रामवासियों के सहयोग एवं सामाजिक कार्यकर्ता योगेश पन्त के विशेष प्रयासों से भव्य स्वरूप प्रदान किया गया है।
स्थानीय मान्यता के अनुसार यह वही पावन स्थल है जहाँ महर्षि कुशण्डी ऋषि तपस्या एवं यज्ञ अनुष्ठान किया करते थे। इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहर के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य पूर्ण होने के बाद ग्रामवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। पूरे गाँव में श्रद्धा और उल्लास का वातावरण व्याप्त रहा।

हवन कुण्ड के नवनिर्मित स्वरूप के उपलक्ष्य में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से पूजन-अर्चना एवं वैदिक अनुष्ठान संपन्न कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
ग्रामवासियों ने विशेष रूप से योगेश पन्त के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके सहयोग और समर्पण से ही इस पवित्र स्थल को नया जीवन मिला है। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे प्रयास भविष्य में क्षेत्र की धार्मिक पहचान को और मजबूत करेंगे तथा नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का कार्य करेंगे।
कुचौली गाँव में इस पावन कार्य के बाद क्षेत्र में धार्मिक आस्था की नई ऊर्जा का संचार हुआ है और श्रद्धालुओं में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण बना हुआ