पौड़ी गढ़वाल में वन्यजीवों का बढ़ता खतरा : दो दिनों में गुलदार के हमलों से दो मौतें, ग्रामीणों में भय और रोष

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पौड़ी गढ़वाल। जिले में मानव–वन्यजीव संघर्ष लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है। बीते दो दिनों में गुलदार के हमलों में दो ग्रामीणों की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर सक्रियता की कमी का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।

शेरो बगड़ गांव में 60 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत

शुक्रवार, 05 दिसंबर 2025 की शाम लगभग 5:30 बजे सैंधीखाल क्षेत्र के शेरो बगड़ गांव में 60 वर्षीय उर्मिला देवी (पत्नी: राजेंद्र सिंह) पर गुलदार ने अचानक धावा बोल दिया। घटना उस समय हुई जब वह घर के आंगन में बैठी थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुलदार उन्हें झाड़ियों की ओर घसीट ले गया, जहां उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

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घटना के तुरंत बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम पहुंची, वहीं क्षेत्रीय विधायक दिलीप सिंह रावत ने भी मौके पर पहुंचकर हालात की जानकारी ली। ग्रामीणों ने विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए तत्काल समस्या के समाधान की मांग की है।

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दो दिन पहले गजल्ट में भी ले ली एक जान

गुलदार का यह हमला पहले भी दर्ज हो चुका है। 03 दिसंबर 2025 को पौड़ी विकासखंड के गजल्ट गांव में दिनदहाड़े गुलदार ने एक युवक को निशाना बनाया था। घटना में युवक को जंगल की ओर खींच ले जाया गया और बाद में उसका शव बरामद हुआ।

लगातार हो रही इन घटनाओं ने क्षेत्र में भय का वातावरण बना दिया है।

ग्रामीणों की मांग : तत्काल ट्रैकिंग और सुरक्षा उपाय

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स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई महीनों से क्षेत्र में गुलदार की आवाजाही बढ़ी है, लेकिन विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने सुरक्षित आवागमन, पिंजरा लगाने, ड्रोन निगरानी और समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठाई है।

दोनो घटनाओं के बाद अब ग्रामीणों का धैर्य जवाब देने लगा है और प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है कि वे वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल कदम उठाएं।

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