एसआरआई की महिला रामलीला में केवट प्रसंग व राम भरत मिलाप ने सभी को किया भावविभोर।

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हल्द्वानी। रिम्पी बिष्ट

एसआरआई संस्था द्वारा शीशमहल काठगोदाम में आयोजित महिला रामलीला के पांचवें दिन केवट प्रसंग व राम भरत मिलाप ने सभी की आंखे भिगो दी
यहां डायरेक्टर मुकेश कुमार जोशी के निर्देशन व मोहन चन्द्र जोशी के संगीत निर्देशन में कुश पांडे तबले में है।

केवट प्रसंग (राम-केवट संवाद):

कलाकारों ने गंगा तट पर केवट द्वारा प्रभु श्रीराम, सीता और लक्ष्मण को नाव में बैठाकर नदी पार कराने के दृश्य को जीवंत किया। केवट द्वारा राम के चरण धोने और राम नाम की महिमा का गुणगान करने का दृश्य भक्तों को भावविभोर कर देता है।

दशरथ मरण और सुमंत्र की वापसी:

सुमंत को वन से अकेला वापस अयोध्या लौटते देख राजा दशरथ अत्यंत दुखी हो जाते हैं। वनवास के वियोग में राजा दशरथ अपने प्राण त्याग देते हैं, जिसे ‘दशरथ मरण’ या ‘दशरथ वियोग’ के रूप में दिखाया गया।

भरत कैकई संवाद।
भरत के पात्र यशस्वनी जोशी ने अपनी शानदार गायन शैली व अभिनय से सभी के रौंगटे खड़े कर दिये। उन्होंने अपने मधुर वाणी व दिव्य संवाद अदायगी से सभी का मनमोह लिया। इस दौरान सभी उत्साहित दर्शकों ने अपनी जगह खड़े होकर खूब तालियां बजाई। कैकई व भरत संवाद शानदार व जीवंत रहा।

भरत-केवट संवाद (भरत केवट मिलन):

निषादराज और भरत के बीच केवट संवाद का मंचन किया गया, जहाँ भरत को राम के वन गमन का समाचार मिलता है।

राम-भरत मिलाप (चित्रकूट):

रामलीला का सबसे भावुक दृश्य भरत-मिलाप रहा। यहां भरत, शत्रुघ्न, माताएं और गुरु वशिष्ठ चित्रकूट में राम से मिलते हैं। भरत द्वारा श्रीराम को वापस अयोध्या चलने का आग्रह करना और राम द्वारा वनवास के निर्णय पर अडिग रहने का मंचन सभी को भावविभोर कर देता है।।

चरण पादुका संवाद:

भरत राम से उनकी चरण पादुकाएं (खड़ाऊं) मांगते हैं और राम के लौटने तक खड़ाऊं को सिंहासन पर रखकर संन्यासी की तरह राज्य संभालने का वचन देते हैं।

यहां राम की भूमिका में मानसी रावत, लक्ष्मण- अंशिका जीना, सीता- खुशी जोशी, केवट- दीपा तिवारी, दशरथ-भुवनेश्वरी जोशी, कौशल्या कामिनी पाल, भरत-यशस्वनी जोशी, शत्रुघन-उपासना जोशी, कैकेई-गीता नैनवाल, सुमंत- गीता तिवारी, अति मुनि-“गीता उप्रेती, सती अनुसुइया-सरोज बिष्ट, मंथरा-प्रीति सक्सेना, वशिष्ट-जया तिवारी, दद्दू-जानकी पांडे थी।

कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया व कल्याणी संस्था की अध्यक्षा व प्रोo डॉ तनुजा मेलकानी, वरिष्ठ पत्रकार ओपी पांडे, संगीतज्ञ ज्योति पांडे व शीशमहल पुरुष रामलीला कमेटी के मुख्य व्यवस्थापक गिरीश चन्द्र तिवारी व अध्यक्ष मोहन चन्द्र तिवारी ने दीप प्रज्ज्वलन कर पांचवे दिन की लीला मंचन का विधिवत शुभारंभ किया।

इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष तनुजा जोशी ने बताया कि कल शनिवार को सूपनखा नासिका छेदन व सीता हरण होगा।
उन्होंने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रीराम के आदर्शों में चलने व सीखने का यह बेहतरीन माध्यम है।
मंच संचालन- रिम्पी बिष्ट ने किया।
इस अवसर पर महामंत्री कौशलेंद्र भट्ट, योगिता बनोला, योगेंद्र साहू, योगेश भोज, हर्षवर्धन जोशी, कामिनी पाल, सीमा देवल, शालिनी गुप्ता, ऊषा मुकेश, समीर शुक्ला, तारा चन्द्र उप्रेती, दिनेश फुलारा, केशव दत्त तिवारी, गौरव जोशी, मोहन चन्द्र जोशी, वरिष्ठ अधिकवक्ता मकरंद प्रताप सिंह, सुमन वार्ष्णेय, डॉ नीरज वार्ष्णेय व गिरीश सिंह खाती सहित तमाम लोग उपस्तिथ थे।

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