उत्तरायणी की रंगत से सराबोर होगा लालकुआँ, सांस्कृतिक चेतना की बैठक में उमड़ी मातृशक्ति

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लालकुआँ।
उत्तरायणी पर्व को लेकर लालकुआँ में इस वर्ष भव्य और ऐतिहासिक मेले का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में नगर में सांस्कृतिक प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें क्षेत्र की सैकड़ों मातृ शक्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बैठक में उत्तरायणी मेले को लोकसंस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का सशक्त माध्यम बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि उत्तरायणी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि कुमाऊँ की आत्मा है, जो लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत करती है। इस बार मेले में लोक कलाकारों को विशेष मंच देने, महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने और युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने पर जोर दिया गया।
मातृ शक्तियों ने मेले की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लेते हुए कहा कि वे पारंपरिक व्यंजन, हस्तशिल्प, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तरायणी की गरिमा को और ऊँचाइयों तक ले जाएंगी। बैठक में स्वच्छता, अनुशासन और पारिवारिक वातावरण बनाए रखने पर भी सहमति बनी।
आयोजकों ने भरोसा दिलाया कि इस वर्ष लालकुआँ का उत्तरायणी मेला11 से15 जनवरी तक चलेगी आस्था, संस्कृति और उल्लास का संगम बनेगा, जहाँ लोक परंपराओं की खुशबू के साथ सामाजिक सौहार्द का संदेश भी गूंजेगा।
बैठक का समापन उत्तरायणी मेले की सफलता की कामना और सामूहिक सहभागिता के संकल्प के साथ हुआ।