हल्द्वानी। समाज में ऐसे विरले ही व्यक्तित्व होते हैं, जो अपना संपूर्ण जीवन दूसरों के उत्थान और भलाई के लिए समर्पित कर देते हैं। हल्द्वानी (नैनीताल) की रहने वाली श्रीमती लता बोरा एक ऐसा ही नाम है, जो मानवीय गुणों और निस्वार्थ सेवा की एक जीवंत मिसाल बन चुकी हैं। समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण और जनजागरूकता के क्षेत्र में उनके निरंतर और प्रेरणादायी योगदान को देखते हुए, हाल ही में 16 मई 2026 को मुक्त विश्वविद्यालय पूर्व छात्र समिति, हल्द्वानी द्वारा उन्हें ‘विशिष्ट पुरा छात्र सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया है।
शिक्षा को बनाया समाज सेवा का हथियार
श्री सी.एस. बोरा की धर्मपत्नी श्रीमती लता बोरा ने समाजशास्त्र में एम.ए. और ‘मास्टर ऑफ सोशल वर्क’ (M.S.W.) की उच्च शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने अपनी इस शैक्षिक पृष्ठभूमि को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व को अपने जीवन का ध्येय बनाते हुए इसे धरातल पर उतारा।
पुनर्नवा महिला समिति: बदलाव की एक मजबूत नींव
21 दिसंबर 2006 को श्रीमती लता बोरा ने ‘पुनर्नवा महिला समिति’ की स्थापना की। 15 सक्रिय सदस्यों वाली यह संस्था उनके नेतृत्व में आज संपूर्ण उत्तराखंड में जन-कल्याणकारी कार्यों का पर्याय बन चुकी है। इस समिति के माध्यम से उन्होंने जमीनी स्तर पर कई ऐसे कार्य किए हैं, जो समाज के लिए एक नजीर हैं:
सामूहिक विवाह: वर्ष 2009 से अब तक समिति द्वारा 435 कन्याओं का सामूहिक विवाह सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा चुका है, जो गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बहुत बड़ा संबल है।
शिक्षा और स्वास्थ्य: मेधावी और जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा का संपूर्ण खर्च वहन करने के साथ-साथ, समिति ने बड़ीपुरा प्राइमरी स्कूल को 3 वर्ष तक गोद लिया और उसका पूरा खर्च उठाया। इसके अलावा गांवों में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाना भी उनकी प्राथमिकता रही है।
सांस्कृतिक और सामाजिक जागरूकता: समाज में एक नई चेतना जगाने के उद्देश्य से वर्ष 2023 से समिति द्वारा अनूठी ‘महिला रामलीला’ का आयोजन किया जा रहा है।
संवेदनशीलता और करुणा का भाव
लता बोरा की संवेदनशीलता कुष्ठाश्रम और नारी निकेतन जैसे स्थानों पर भी स्पष्ट रूप से नजर आती है, जहां उनकी समिति द्वारा नियमित रूप से राशन और वस्त्र वितरण किया जाता है। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण और समाज के प्रति समर्पित पुरुषों का सम्मान समारोह आयोजित करना भी उनके प्रमुख कार्यों का हिस्सा है।
बहुआयामी व्यक्तित्व और नेतृत्व
‘पुनर्नवा महिला समिति’ की संस्थापक अध्यक्ष होने के साथ-साथ श्रीमती लता बोरा कई अन्य प्रतिष्ठित संगठनों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वह क्षत्रिय महासभा में कोषाध्यक्ष, जिला नैनीताल ह्यूमन राइट्स एंड एंटी करप्शन संगठन में उपाध्यक्ष और ‘ऑल इंडिया वुमन कॉन्फ्रेंस’ की सक्रिय सदस्य हैं।
विशेष रूप से बालिका एवं महिला कल्याण हेतु उनकी पहल ‘नन्हीं चिरैया’ के माध्यम से किए जा रहे प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय हैं। समाज की कुरीतियों के उन्मूलन और असहाय लोगों की मदद के लिए जिस नेतृत्व क्षमता और सेवा-भाव का परिचय उन्होंने दिया है, वह पूरे समाज के लिए एक आदर्श है। प्रशस्ति पत्र में भी यह स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया है कि उनका यह सेवा-भाव मुक्त विश्वविद्यालय और पूरे समाज को गौरवान्वित करता है।

श्रीमती लता बोरा का जीवन यह साबित करता है कि यदि हृदय में सच्ची करुणा और कुछ कर गुजरने का संकल्प हो, तो समाज में एक बहुत बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
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