ताज़ा बड़ा अपडेट : प्रशासन सख्त मोड में “सरकारी भूमि पर कब्जा कराने वालों पर अब कसेगा शिकंजा , SSP मंजुनाथ टीसी की कड़ी चेतावनी”

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रामनगर।
पूछड़ी क्षेत्र में रिज़र्व फॉरेस्ट भूमि पर अवैध निर्माण और कब्जे करने की शिकायतों पर अब पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। जानकारी के अनुसार कुछ भूमाफियाओं द्वारा भोले-भाले लोगों को प्लॉटिंग के नाम पर नकली स्टांप, फर्जी रसीद और गलत दस्तावेज देकर सरकारी भूमि पर बसाने की कोशिश की जा रही थी। मामले की शिकायत सामने आते ही SSP नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी ने गंभीरता दिखाते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक रामनगर को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

SSP के निर्देशों में शामिल है

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प्रभावित नागरिकों से व्यक्तिगत वार्ता कर उनके बयान दर्ज किए जाएं।
प्लॉटिंग में उपयोग किए गए सभी दस्तावेजों, स्टांप पेपरों और रसीदों की जांच की जाए।
दोषियों की पहचान कर तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

पुलिस का संदेश बिल्कुल साफ:

 “सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कराने वाले, फर्जी दस्तावेज बनाने वाले और आर्थिक धोखाधड़ी में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।”

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पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि—

सरकारी भूमि बेचने की अनुमति किसी व्यक्ति, दलाल, संगठन या गैर-सरकारी संस्था को नहीं है।
ऐसे मामलों में खरीदार भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।

आम जनता से अपील

पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि

प्लॉट खरीदने से पहले भूमि की वैधता अवश्य जाँचें।
किसी व्यक्ति, दलाल या समूह द्वारा बेची जा रही सरकारी भूमि से दूर रहें।
ऐसे मामलों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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यह कार्रवाई भूमाफिया और धोखाधड़ी में शामिल तत्वों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की ओर बड़ा कदम माना जा रहा है।

सूचना जारी — नैनीताल पुलिस प्रशासन
“कानून और शासन से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई निश्चित है।”

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