लालकुआँ। उत्तराखंड के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वातावरण में बाबा श्याम का कीर्तन भक्तों के जीवन में नई ऊर्जा और आध्यात्मिक उल्लास भरता है। इस संदर्भ में लालकुआँ के युवा समाजसेवी नरेश चौधरी ने कहा कि बाबा श्याम की महिमा अपार है और उनके कीर्तन में शामिल होना हर श्रद्धालु के जीवन के लिए अत्यंत लाभकारी होता है।
नरेश चौधरी ने कहा कि बाबा श्याम केवल एक देवता नहीं, बल्कि भक्ति, स्नेह और समाजसेवा का प्रतीक हैं। उनके कीर्तन में भाग लेने से मन, मस्तिष्क और आत्मा सभी स्तर पर संतोष, शांति और प्रेरणा मिलती है। यह महोत्सव न केवल धार्मिक उत्सव है, बल्कि भक्तों को एकजुट करने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का माध्यम भी है।
उन्होंने विशेष रूप से यह भी कहा कि कीर्तन में शामिल होना मात्र एक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह जीवन को नई दिशा देने वाला आध्यात्मिक अनुभव है। नरेश चौधरी ने भक्तों से आग्रह किया कि वे बाबा श्याम के कीर्तन में बढ़-चढ़कर भाग लें और इस पावन आयोजन का हिस्सा बनकर अपनी आस्था और संस्कृति को मजबूती दें।
लालकुआँ व हल्दूचौड़ में समय- समय पर आयोजित होने वाले बाबा श्याम के कीर्तन और भव्य आयोजन में दूर-दराज़ के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पधारते है। यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि भक्ति, संगीत और सांस्कृतिक परंपराओं का अद्भुत संगम है, जो हर आगंतुक के हृदय में दिव्यता और उल्लास भर देता है।
लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -
👉 वॉट्स्ऐप पर हमारे समाचार ग्रुप से जुड़ें
