सेंचुरी मिल में वृहद वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

ख़बर शेयर करें

 

लालकुआँ/ विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सेंचुरी पल्प एण्ड पेपर मिल ने वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित करके पर्यावरण जगत की रक्षा के लिए सुनहरा संदेश देते हुए पर्यावरण को संरक्षित रखने का सकल्प लिया और पौधे लगानें का विराट लक्ष्य भी निर्धारित किया

यहाँ विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सेंचुरी पल्प एंड पेपर के परिसर मे बृहद वृक्षारोपण कराया गया आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में पर्यावरण को हरा – भरा रखनें का संकल्प लेते हुए विभिन्न प्रकार के छायादार व फलदार वृक्षों के अलावा औषधीय गुणों से भरपूर वृक्षों का भी रोपण किया गया इस अवसर पर
अमलतास,अमरूद,गुलमोहर, एवं सावनी आदि विभिन्न प्रकार के फलदार व छायादार वृक्षों का पौधा रोपण किया गया। इसके अतिरिक्त संस्थान में पर्यावरण से संबंधित क्विज एवं डिबेट का आयोजन भी किया गया।

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल में 5 सितंबर को भारी खतरे की आहट! अचानक क्यों बंद करने पड़े कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल? जानिए DM का बड़ा फैसला

वृक्षारोपण कार्यक्रम में मुख्य रूप से सेंचुरी पल्प एंड पेपर के श्री परितोष राय, डॉक्टर अरुण प्रकाश पांडे ,संजय यादव ,अरविंद कुमार त्यागी,संजय धनुका ,नरेश चंद्रा, संजय बाजपेई सहित कई कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर मिल के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा वृक्ष हमारे जीवन के परम आधार है पेडों के बिना जीवन संभव नही है पर्यावरण को स्वच्छ रखनें के लिए सभी लोगों को मिलकर निरंतर प्रयास करने चाहिए वृक्षों के महत्व पर विस्तार के साथ प्रकाश डालते हुए सभी पर्यावरण प्रेमियों ने अपनी अपनी भावनाएं प्रकट करते हुए कहा वृक्ष मानव जीवन की अमूल्य धरोहर है इस वाक्य को शिरोधार्य मानते हुए मिल निरंतर वृक्षारोपण के कार्य में सजग भागीदारी निभा रही है

यह भी पढ़ें 👉  मां अवंतिका कुंज शक्तिपीठ में जन्माष्टमी के पावन पर्व पर किसने रखी सुरक्षा की अभेद्य ढाल? एक अनूठी भेंट ने खींचा सभी का ध्यान!

वृक्षारोपण अवसर पर मिल के श्री परितोष राय एच आर हैड अरुण प्रकाश पाण्डे ने कहा वृक्षों की महिमां की विस्तृत गाथा के बारे में कहा गया है कि एक वृक्ष का महत्व सौ पुत्रों के बराबर है और पर्यावरण की रक्षा के साथ – साथ वृक्ष लगाना अत्यन्त पुण्यदायक व शुभ दायक भी है

यह भी पढ़ें 👉  वो कौन था जिसने चुपचाप विदा लेकर हजारों दिलों को रुला दिया? बिंदूखत्ता ने खो दिया अपना सच्चा सहारा

वरिष्ठ महाप्रबंधक नरेश चन्द्रा ने कहा सनातन धर्म में वृक्षों को देव स्वरूप मानकर इनकी पूजा-अर्चना की जाती है। हमारे देश के महान ऋषि मुनियों ने विराट वृक्षों के नीचे ही बैठकर आत्मिक शांति व ज्ञान को प्राप्त कर संसार को वृक्षों की महिमा का अलौकिक का संदेश दिया वृक्ष हम सभी के लिए महत्वपूर्ण है

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad