महाशिवरात्रि: आत्मबल, संयम और राष्ट्रधर्म की प्रेरणा का पावन पर्व: कुन्दन सिंह मेहता

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कुन्दन सिंह मेहता

जिला अध्यक्ष, उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग, नैनीताल
महाशिवरात्रि का पावन पर्व भारतीय सनातन परंपरा में आस्था, साधना और आत्मजागरण का दिव्य उत्सव है। यह केवल धार्मिक अनुष्ठान का अवसर नहीं, बल्कि आत्मबल, संयम और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला महान पर्व है। भगवान शिव त्याग, तपस्या, करुणा और समभाव के प्रतीक हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि विषम परिस्थितियों में भी धैर्य, साहस और संतुलन बनाए रखना ही सच्ची साधना है।
पूर्व सैनिक होने के नाते हम भली-भांति जानते हैं कि अनुशासन, त्याग और राष्ट्रसेवा का मार्ग भी शिवत्व की ही अभिव्यक्ति है। जिस प्रकार भगवान शिव ने समुद्र मंथन से निकले विष को धारण कर लोककल्याण का मार्ग प्रशस्त किया, उसी प्रकार सैनिक भी राष्ट्र और समाज की रक्षा हेतु हर कठिनाई को सहर्ष स्वीकार करता है। महाशिवरात्रि हमें यही संदेश देती है कि व्यक्तिगत हित से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा जाए।
आज जब समाज अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है, तब शिव के आदर्श—सादगी, सहिष्णुता, न्यायप्रियता और करुणा—और अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम आपसी मतभेदों को भुलाकर सामाजिक समरसता, भाईचारे और राष्ट्र की एकता को सुदृढ़ करेंगे। युवाओं को चाहिए कि वे भगवान शिव के तप, त्याग और ऊर्जा से प्रेरणा लेकर सकारात्मक दिशा में अग्रसर हों।
इस पावन अवसर पर मैं नैनीताल जनपद सहित समस्त प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। भगवान भोलेनाथ सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें तथा हमें सत्य, सेवा और राष्ट्रधर्म के मार्ग पर दृढ़तापूर्वक अग्रसर होने की शक्ति दें।
हर हर महादेव!

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