तुलसी पूजन दिवस पर श्रद्धा और आस्था का संदेश, नीरज सुयाल ने दी हार्दिक शुभकामनाएँ

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लालकुआँ/नैनीताल।
तुलसी पूजन दिवस के पावन अवसर पर समाजसेवी नीरज सुयाल ने क्षेत्रवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि तुलसी न केवल हमारी धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति में प्रकृति संरक्षण और सकारात्मक जीवनशैली का भी संदेश देती है।
उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में तुलसी को अत्यंत शुभ और पूजनीय माना गया है तथा यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी को भगवान विष्णु की प्रियतमा का स्थान प्राप्त है, इसलिए इसके पूजन से घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
तुलसी पूजन दिवस पर श्रद्धालु अपने घरों में तुलसी के पौधे को जल अर्पित करते हैं, दीप प्रज्वलित करते हैं, रोली-चावल से तिलक लगाते हैं तथा चुनरी अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं। नीरज सुयाल ने कहा कि तुलसी के औषधीय गुण भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जो स्वास्थ्य रक्षा में सहायक माने जाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति सम्मान, संरक्षण और कृतज्ञता का भाव सिखाता है। आज के समय में जब पर्यावरण संरक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है, तुलसी पूजन जैसे पर्व हमें हरियाली और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देते हैं।
अंत में समाजसेवी नीरज सुयाल ने सभी से अपने घर-आंगन में तुलसी का पौधा लगाने और उसकी नियमित सेवा करने का आह्वान किया, ताकि धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी सशक्त हो सके।