अवंतिका मंदिर से मिलती है समाज सेवा और मानवता की प्रेरणा: नरेश चन्द्रा

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लालकुआँ  सेंचुरी मिल के उपाध्यक्ष नरेश चन्द्रा ने स्थानीय अवंतिका मंदिर को केवल एक पवित्र स्थल ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति और सामाजिक समर्पण का एक महान प्रतीक बताया है। उन्होंने अपने एक विशेष संदेश में कहा कि इस सिद्ध पीठ का शांत वातावरण और गरिमा श्रद्धालुओं के हृदय में शांति, प्रेम और भक्ति की भावना को जागृत करती है।
श्री चन्द्रा ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले धार्मिक अनुष्ठान, हवन और भजन-संकीर्तन जैसी आध्यात्मिक गतिविधियां मनुष्य को न केवल आंतरिक संतुलन और मानसिक शांति प्रदान करती हैं, बल्कि समाज में सेवा और मानवता की भावना को भी प्रबल बनाती हैं।
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि माँ अवंतिका के दरबार से हर व्यक्ति को यह स्पष्ट संदेश मिलता है कि आध्यात्मिक साधना और निस्वार्थ सेवा के बिना मानव जीवन अधूरा है। सामुदायिक सहयोग और सच्ची भक्ति का जो अनूठा अनुभव यहां प्राप्त होता है, वह हमें यह स्मरण कराता है कि हमारे कर्मों और साधना का उद्देश्य केवल स्वयं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि संपूर्ण समाज और मानवता के कल्याण तक फैलना चाहिए।
सेंचुरी के उपाध्यक्ष श्री चन्द्रा ने अपने संदेश के अंत में कहा कि अवंतिका मंदिर के माध्यम से दी जा रही आध्यात्मिक शिक्षा हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में पूरी तरह सक्षम है। यह पवित्र स्थल हमें यह प्रेरणा देता है कि जब हम अपने जीवन को गुरु की प्रेरणा, साधना और सेवा के मार्ग पर समर्पित करते हैं, तभी हमें जीवन में सच्चा संतुलन, शांति और यथार्थ अर्थ प्राप्त होता है। श्री चन्द्रा ने आदि शक्ति माँ अवंतिका पुस्तक के प्रकाशन हेतु शुभकामनाएं दी है