10 अगस्त 2026 हल्द्वानी
संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय प्रतिवाद दिवस पर किसानों के साथ 9 दिसम्बर 2021 को हुए समझौते को लागू करवाने को महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू को भेजा ज्ञापन !
उत्तराखण्ड की वन भूमि पर दशकों से काबिज नागरिकों को
भूमिधरी या मालिकाना हक देकर राजस्व गांव बनाने के लिए उत्तराखण्ड सरकार को विधानसभा से निर्वनीकरण का प्रस्ताव पास कर केन्द्र सरकार को भेजने का दें निर्देश !
पलायन रोकने के लिए अनिवार्य चकबंदी का कानून बनाने और गोवंश संरक्षण अधिनियम में गोवंश के सरकारी खरीद की गारंटी का प्रावधान करे सरकार !
संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर अखिल भारतीय किसान महासभा बिन्दुखत्ता जिला नैनीताल ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी लालकुआं के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में कहा है कि अंग्रेजो भारत छोड़ो के 84 वीं वर्षगांठ पर देश के नागरिक गहरे कृषि, आर्थिक और सामाजिक संकटों से घिरे हैं । ऐतिहासिक किसान आन्दोलन में 9 दिसम्बर 2021 को सरकार द्वारा MSP लागू करने, ऋण माफी करने, बिजली के निजीकरण और किसानों के खिलाफ पुलिस मामलों को वापस लेने के सम्बन्ध में केन्द्र सरकार द्वारा किये गये लिखित समझौते को आज तक लागू नहीं करने से रोष व्यक्त करते हुए गणराज्य के प्रमुख होने के नाते महामहिम से आग्रह किया है केन्द्र सरकार को किसानों की मांगों को पूरा करने के लिए निर्देशित करें ।
मुख्य रूप से भारत – अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता भारतीय कृषि उद्योग, श्रमिकों और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ होने से रद्द करने, कृषि विपणन नीति को तुरंत रोकने, सभी फसलों का C2 50% न्यूनतम समर्थन मूल्य देने, किसानों की व्यापक ऋण माफी, किसानों की आत्महत्या पर 25 लाख मुआवजा और पूर्ण पुनर्वास देने, चारों श्रम संहिताओं को रद्द कर श्रमिकों को 42000 प्रतिमाह न्यूनतम वेतन देने का प्रावधान करने, मनरेगा को बहाल कर 200 दिनों की रोजगार गारंटी के साथ 700 रूपए प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने, विद्युत निजीकरण विधेयक 2025 और बीज विधेयक 2025 और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के संशोधन को वापस लेने, जबरन भूमि अधिग्रहण और कार्पोरेट के लिए भूमि पुलिंग को रोकने, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा एवं पारदर्शिता का अधिकार (LARR) अधिनियम 2013, वन अधिकार अधिनियम (FRA) 2006 और पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम (PESA) 1996 द्वारा गारंटीकृत अधिकारों को कायम रखने की मांग की गई है ।
ज्ञापन में उत्तराखण्ड के पलायन को रोकने के लिए खेती को रोजगारपरक बनाने के लिए नाप जमीन से वन एक्ट, खनन एक्ट, भेषज एक्ट, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम को हटाकर अधिकार सम्पन्न अनिवार्य चकबंदी करवाने, गोवंश संरक्षण अधिनियम 2007 के चलते आवारा गोवंश से पशुपालकों – किसानों को हो रहे आर्थिक नुकसान के साथ सड़क दुघर्टनाओं को रोकने के लिए अधिनियम में संशोधन कर गोवंश की सरकारी खरीद की गारंटी करने, दशकों से वन भूमि में सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल की सुविधाओं के साथ पक्के घर बनाकर निवास कर रहे नागरिकों को मालिकाना हक और राजस्व गांव बनाने के लिए संसद विधानसभाओं से बिल लाने के लिए, बिन्दुखत्ता, बापू ग्राम, बग्गा चौवन को भूमिधरी अधिकार दिए जाने के मंत्री मंडल द्वारा बनाई गई कमेटी को वन क्षेत्रों में रहने वालों के बीच भ्रम पैदा करने के बजाय अमली जामा पहनाने के लिए प्रदेश के सभी वन भूमि में रहने वालों को सम्मिलित कर विधानसभा का विशेष सत्र करवाकर निर्वनीकरण करने का प्रस्ताव विधिवत केन्द्र सरकार को भेजने हेतु निर्देशित करने की मांग महामहिम राष्ट्रपति से की गई है ।
ज्ञापन अखिल भारतीय किसान महासभा बागजाला के सचिव दीवान सिंह बरगली, कार्यकारिणी सदस्य प्रेम सिंह नयाल और हरक सिंह बिष्ट द्वारा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तहसील हल्द्वानी को सोंपा गया ।
दीवान सिंह बरगली
सह सचिव
अखिल भारतीय किसान महासभा बागजाला
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