हल्दूचौड़/हल्द्वानी।
आंग्ल नववर्ष 2026 का शुभारम्भ 31 दिसम्बर 2025 / 1 जनवरी 2026 की मध्यरात्रि ठीक 12 बजे कन्या लग्न में हो रहा है। उस समय वृषभ राशि में चन्द्रमा का संचार रहेगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह वर्ष राजनीतिक, प्राकृतिक एवं आर्थिक दृष्टि से कठिनाइयों से भरा रहने के संकेत दे रहा है।
वर्ष परिवर्तन के समय कृतिका एवं रोहिणी नक्षत्र का मिलन सामान्य फलदायक माना गया है, किंतु चतुर्थ भाव में सूर्य, मंगल, शुक्र और बुध का योग राजनीतिक हलकों में कष्टकारी परिस्थितियाँ उत्पन्न कर सकता है। वहीं सप्तम केन्द्र भाव में शनि की उपस्थिति देश में आंतरिक अस्थिरता, राजनीतिक उठापटक और विरोधात्मक स्वार्थों को बढ़ावा देगी।
राजनीति और शासन पर प्रभाव
ज्योतिषीय संकेत बताते हैं कि केन्द्र एवं राज्य सरकारों के लिए यह वर्ष अनुकूल नहीं कहा जा सकता।
राज्यों में 2027 के दौरान सत्ता परिवर्तन के योग बनते दिखाई दे रहे हैं। कूटनीति और राजनीतिक परिदृश्य में अपेक्षित सफलता के आसार कम रहेंगे। राष्ट्रविरोधी ताकतें आंतरिक कष्ट उत्पन्न कर सकती हैं, हालांकि इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि मजबूत बनी रहेगी। सशक्त विपक्ष का अभाव भी वर्ष भर महसूस किया जा सकता है।
अर्थव्यवस्था और महंगाई
आर्थिक मोर्चे पर महंगाई और आमजन की परेशानियाँ बढ़ सकती हैं।
सोना-चांदी के भावों में उछाल की संभावना है। डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट के संकेत हैं, लेकिन दीर्घकालिक दृष्टि से भारत की आर्थिक साख बनी रहेगी।
प्राकृतिक आपदाओं के संकेत
वर्ष 2026 में तेज वर्षा, भारी हिमपात और मौसम की खराबी से फसलों को नुकसान की आशंका है।
विशेषकर जून से अगस्त 2026 के मध्य अत्यधिक वर्षा के कारण प्राकृतिक एवं जनधन हानि की संभावना बन रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में भारी हिमपात के योग भी प्रबल हैं।
राशियों पर वर्ष 2026 का प्रभाव
मेष – साढ़ेसाती प्रभावी, स्वास्थ्य नरम, आर्थिक हानि संभव।
वृष – शासन-सत्ता का सुख, आर्थिक लाभ।
मिथुन – नव निर्माण, व्यवसाय में लाभ।
कर्क – शीतजन्य कष्ट, भूमि लाभ।
सिंह – वर्ष का उत्तरार्ध कष्टकारी, स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
कन्या – व्यापार लाभ, संतान प्राप्ति व वैवाहिक सुख।
तुला – आर्थिक व राजनीतिक लाभ, स्वास्थ्य में सुधार।
वृश्चिक – सेहत पर ध्यान आवश्यक, भूमि निवेश से लाभ।
धनु – संतान पक्ष से कष्ट, पेट रोग, मानसिक तनाव व आर्थिक हानि।
मकर – पूरा वर्ष अनुकूल, व्यापार व शिक्षा में प्रगति।
कुंभ – 2028 तक साढ़ेसाती, वाहन-भवन सुख, रुके कार्य पूर्ण।
मीन – 8 अगस्त 2029 तक साढ़ेसाती, स्वास्थ्य मध्यम, प्रतियोगी परीक्षाओं में लाभ।
ग्रहण स्थिति 2026
वर्ष 2026 में
12 अगस्त 2026 – सूर्य ग्रहण
28 अगस्त 2026 – चन्द्र ग्रहण
ये दोनों ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होंगे, अतः इनका सूतक एवं प्रभाव भारतवर्ष में मान्य नहीं होगा। सभी धार्मिक एवं मांगलिक कार्य यथावत किए जा सकेंगे।
पंडित त्रिभुवन उप्रेती
संस्कार ज्योतिष भाग्य दर्पण
नया बाजार, हल्दूचौड़, हल्द्वानी (नैनीताल)
ग्रहों की चाल बताती है : नववर्ष 2026 संयम, सतर्कता और दूरदृष्टि की माँग करेगा।
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