नितिन हत्याकांड भाजपाई संरक्षण का नतीजा, उत्तराखंड में अपराध का राजनीतिकरण: भाकपा (माले)

ख़बर शेयर करें

हल्द्वानी।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के जिला सचिव डॉ. कैलाश पाण्डेय ने हल्द्वानी में 25 वर्षीय नितिन की हत्या को अपराधियों को दिए जा रहे राजनीतिक संरक्षण का प्रत्यक्ष परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में उत्तराखंड अपराधियों का शरणस्थल बन चुका है और अपराधों की बाढ़ आ गई है।
डॉ. पाण्डेय ने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपराध का खुलेआम राजनीतिकरण कर दिया है और अपराधी व बलात्कारी सत्ताधारी पार्टी के संरक्षण में बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी के रूप में वरिष्ठ भाजपाई नेताओं के नाम सामने आने के बावजूद सरकार अपराधियों को बचाने में जुटी रही, जिससे अपराधियों के हौसले और बुलंद हुए।
उन्होंने कहा कि इसी अपराधीकरण की कड़ी में हल्द्वानी में भाजपा नगर निगम पार्षद एवं मुखानी मंडल उपाध्यक्ष अमित बिष्ट उर्फ चिन्टू द्वारा अपनी लाइसेंसी बंदूक से घर की छत से गोली मारकर नितिन की हत्या कर दी गई। डॉ. पाण्डेय के अनुसार आरोपी पूर्व में भी कई बार दबंगई दिखा चुका है। एक ठेली वाले को सरेआम पीटने का वीडियो वायरल होने के बावजूद आरोपी को राजनीतिक संरक्षण मिला।
डॉ. कैलाश पाण्डेय ने आरोप लगाया कि उस समय आरोपी को बचाने के लिए कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत तत्कालीन एसएसपी से भिड़ गए थे, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुआ था। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को जनता की समस्याओं के लिए कभी संघर्ष करते नहीं देखा गया, लेकिन अपराधियों को बचाने में वे सबसे आगे रहते हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो मुख्यमंत्री उत्तराखंड को अपराधमुक्त बनाने की बात करते हैं, वे आज तक अंकिता भंडारी हत्याकांड के असली दोषियों को सामने लाने का साहस नहीं कर पाए हैं।
डॉ. पाण्डेय ने स्पष्ट कहा कि जब तक अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण देना बंद नहीं किया जाएगा, तब तक भयमुक्त और अपराधमुक्त उत्तराखंड की बात करना बेमानी है। उन्होंने नितिन हत्याकांड में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और राजनीतिक संरक्षण समाप्त करने की मांग की।