डूंगरपूर कालिका मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा के पाँचवें दिन पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल बोले आध्यात्मिक विचारधारा से ही दुनिया विनाश से बच सकती है

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हल्दूचौड़
हल्दूचौड़ के डूंगरपूर स्थित कालिका मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पाँचवें दिन पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल ने कथा स्थल पर उपस्थित विशाल श्रद्धालु जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में मानव समाज को यदि विनाश और अशांति से बचाना है, तो उसके लिए आध्यात्मिक विचारधारा को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा जैसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और नैतिक मूल्यों का संचार करते हैं।
इस अवसर पर उन्होंने भगवान के नाम की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि नाम स्मरण से मनुष्य के जीवन में शांति, संतुलन और आत्मिक शक्ति का विकास होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक जीवन में आध्यात्मिकता को स्थान देकर समाज में सद्भाव और नैतिकता को मजबूत करें।
पूर्व कैबिनेट मंत्री दुर्गापाल ने कथा व्यास भागवताचार्य नमन कृष्ण महाराज की सराहना करते हुए कहा कि उनके श्रीमुख से प्रवाहित हो रही श्रीमद् भागवत कथा श्रद्धालुओं के जीवन में आध्यात्मिक जागरण का कार्य कर रही है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत आध्यात्मिक अनुभवों को भी साझा किया और कहा कि सत्संग एवं कथा श्रवण से जीवन की दिशा सकारात्मक रूप से परिवर्तित होती है।
उन्होंने डूंगरपूर स्थित पौराणिक कालिका मंदिर की महिमा का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्थल क्षेत्र की आस्था और संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र है, जहाँ निरंतर धार्मिक आयोजनों से श्रद्धालुओं की आस्था और अधिक सुदृढ़ होती है। अंत में उन्होंने कथा व्यास जी का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन से जुड़े सभी श्रद्धालुओं और यजमान परिवार को शुभकामनाएँ दीं।