श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व पर 31 मई को विशाल छबील सेवा का आयोजन

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श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व पर 31 मई को विशाल छबील सेवा का आयोजन

हल्दूचौड़।
सिख धर्म के पांचवें गुरु, त्याग, तपस्या, शांति और मानव सेवा के प्रतीक श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व के अवसर पर 31 मई 2026 को शिवपुरी हल्दूचौड़ में विशाल छबील सेवा का आयोजन किया जाएगा। भीषण गर्मी के बीच राहगीरों, यात्रियों और स्थानीय लोगों को ठंडा मीठा जल उपलब्ध कराकर मानव सेवा का संदेश देने हेतु यह विशेष आयोजन किया जा रहा है।

यह सेवा कार्यक्रम मेन रोड शिवपुरी हल्दूचौड़ में आयोजित होगा, जिसका संचालन श्री दशमेश कृपा सेवक जत्था, हल्दूचौड़ द्वारा किया जा रहा है। आयोजन को लेकर क्षेत्र में तैयारियां तेज हो गई हैं तथा संगतों और स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।

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आयोजकों ने बताया कि सिख इतिहास में श्री गुरु अर्जन देव जी की शहादत को अद्वितीय स्थान प्राप्त है। उन्होंने धर्म, सत्य और मानवता की रक्षा के लिए असहनीय यातनाएं सहन कीं, लेकिन कभी भी धैर्य और प्रभु भक्ति का मार्ग नहीं छोड़ा। तपती तवी पर बैठकर भी उन्होंने ईश्वर की इच्छा को स्वीकार करते हुए कहा था—
“तेरा किया मीठा लागै, हरि नामे पदारथ नानक मांगै।”

इसी महान बलिदान और सेवा भावना की स्मृति में प्रत्येक वर्ष छबील सेवा आयोजित की जाती है। सिख परंपरा में छबील केवल पानी पिलाने का आयोजन नहीं, बल्कि मानवता, सेवा, करुणा और समानता का जीवंत संदेश माना जाता है। गर्मी से राहत पहुंचाने के उद्देश्य से राहगीरों को ठंडा मीठा जल, शरबत और अन्य पेय पदार्थ वितरित किए जाते हैं।

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श्री दशमेश कृपा सेवक जत्था के सदस्यों ने कहा कि “प्याओ पानी जीवन दान, सब तो वड्डी सेवा महान” की भावना के साथ यह आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य है और गुरु साहिबानों ने हमेशा मानव सेवा को सर्वोच्च धर्म बताया है।

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आयोजन समिति ने क्षेत्र की समस्त संगत, युवाओं और स्थानीय नागरिकों से इस सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। समिति के अनुसार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है तथा सेवा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

आयोजकों ने कहा कि वर्तमान समय में ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन समाज में प्रेम, भाईचारे और सेवा भावना को मजबूत करने का कार्य करते हैं। छबील सेवा के माध्यम से लोगों को मानवता की सेवा और परोपकार का संदेश दिया जाएगा।

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