“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार: ऊँचाकोट में लगा बहुउद्देशीय जनसुनवाई शिविर, 270 समस्याओं में से अधिकांश का मौके पर निस्तारण”

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नैनीताल (बेतालघाट) | 23 दिसंबर 2025 |
मा० मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार, प्रशासन गांव की ओर” अभियान के अंतर्गत तहसील बेतालघाट के दूरस्थ क्षेत्र न्याय पंचायत ऊँचाकोट के राजकीय इंटर कॉलेज में बहुउद्देशीय जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रयाल ने स्वयं उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कुल 270 से अधिक शिकायतें एवं समस्याएं प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों के लिए संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा लगभग 430 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।
पंचायतीराज विभाग द्वारा 22 लोगों को परिवार रजिस्टर की नकल, 2 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र तथा 8 राशन कार्ड से जुड़ी समस्याओं का निस्तारण किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा 10 पात्र लाभार्थियों के पेंशन आवेदन भरे गए।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 55 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर नि:शुल्क दवाइयां दी गईं तथा 15 लोगों की शुगर व बीपी जांच की गई।
आयुर्वेदिक विभाग ने 82 लोगों एवं होम्योपैथिक विभाग ने 56 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां वितरित कीं।
पशुपालन विभाग द्वारा 26 पशुपालकों को नि:शुल्क पशु दवाइयां दी गईं।
कृषि विभाग ने 10 किसानों को, जबकि उद्यान विभाग ने 5 लाभार्थियों को योजनाओं से लाभान्वित किया।
विद्युत विभाग द्वारा 10 मामलों में बिजली बिल, पोल शिफ्टिंग, ट्रांसफार्मर व लोपिंग से जुड़ी समस्याओं का निस्तारण किया गया।
श्रम विभाग ने 8 श्रमिकों के श्रम कार्ड बनाए, राजस्व विभाग ने 27 प्रमाण पत्र जारी किए, रीप परियोजना के अंतर्गत 42, ग्राम्य विकास विभाग द्वारा 20 जॉब कार्ड व 25 बीपीएल कार्ड वितरित किए गए।
शिविर में सड़क, सिंचाई, वन, विद्युत, पेयजल, शिक्षा, राजस्व, समाज कल्याण, खनन पट्टा क्षेत्रों में श्रमिक सुविधाएं, आर्थिक सहायता सहित अनेक समस्याएं प्रमुखता से उठाई गईं।
ग्रामीणों द्वारा नियमित टीकाकरण न होने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने चिकित्सा अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए गांव में ही नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि भविष्य में शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
खनन पट्टा क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए शौचालय एवं मूलभूत सुविधाएं न होने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी कैंचीधाम को निर्देश दिए कि सभी खनन क्षेत्रों में बायो टॉयलेट/स्मार्ट टॉयलेट, पेयजल, आवास, स्वास्थ्य व बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए, अन्यथा खनन पट्टे निरस्त करने की कार्रवाई की जाए।
गुलदार के आतंक की शिकायतों पर वन विभाग को गश्त बढ़ाने, ट्रैप कैमरे व पिंजरे लगाने तथा ग्रामीणों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए। साथ ही वन्यजीव संघर्ष में प्रभावितों को मुआवजा दिलाने और फसलों की सुरक्षा हेतु तारबाड़/सोलर फेंसिंग के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
लोक निर्माण विभाग से संबंधित शिकायतों में रखोली–खलाड़ सड़क का संयुक्त सर्वे दो सप्ताह में कराने, ऊँचाकोट–खैरोली मार्ग पर पुल निर्माण शीघ्र प्रारंभ करने तथा अन्य सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए गए। पुराने मोटर पुलों की मरम्मत एवं भार क्षमता का आंकलन कर प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा गया।
भूमि संबंधी मामलों में एसडीएम कैंचीधाम को प्रत्येक शनिवार राजस्व समिति की बैठक में प्रकरणों के निस्तारण के निर्देश दिए गए। लेटी गांव में भूमि विवाद की शिकायत पर तत्काल जांच कर दोषियों पर भू-राजस्व कानून के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
शिविर में दर्जा राज्यमंत्री शांति मेहरा, क्षेत्र प्रमुख बेतालघाट अंकित शाह, जिला पंचायत सदस्य संजय बोरा, एसडीएम कैंचीधाम मोनिका, एपीडी चंद्रा फर्त्याल, खंड विकास अधिकारी पंकज जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
यह शिविर वास्तव में मुख्यमंत्री के संकल्प का धरातलीय क्रियान्वयन साबित हुआ, जहां प्रशासन सीधे गांव पहुंचकर जनता की समस्याओं का समाधान करता नजर आया।