समाजसेवी शुभम अण्डोला ने घायल बच्ची के उपचार हेतु इक्कीस हजार रुपये की आर्थिक मदद देकर फिर दिया मानवता का परिचय

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+ धनतेरस के दिन घायल श्रीजना के घर जा कर सौंपी धनराशि, बच्ची के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना के साथ सर्वत्र सुख- समृद्धि हेतु देवी स्वरूपा बालिका से मांगा आशीर्वाद
+ उदारमना लोगों से की घायल बच्ची के लिए मदद की अपील
हल्दूचौड़ ( नैनीताल ), क्षेत्र के प्रतिष्ठित उद्यमी एवं लोकप्रिय समाजसेवी शुभम अण्डोला ने बजूनियां हल्दू- कठघरिया, हल्द्वानी निवासी घायल बच्ची श्रीजना के उपचार हेतु इक्कीस हजार रुपये की मदद देकर एक बार पुनः मानवता की मिशाल कायम की है। श्री अण्डोला ने यह धनराशि धनतेरस के दिन श्रीजना सुपुत्री सूर्या सिंह के घर जा कर प्रदान की।
इस मौके पर श्रीजना के माता-पिता व अन्य परिजन भी मौजूद थे। समाजसेवी शुभम अण्डोला ने श्रीजना के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए देवी स्वरूपा नन्हीं बच्ची से अपने मित्रों, स्वजनों तथा सभी की सुख – समृद्धि व खुशहाली का आशीर्वाद भी लिया ।
शुभम अण्डोला ने श्रीजना के उपचार के लिए समाज के उदारमना लोगों से भी हर सम्भव आर्थिक मदद देकर अपना मानवीय परिचय देने की अपील भी की।
दरअसल नवरात्रि में कन्यापूजन के दिन 11 अक्टूबर को श्रीजना अपनी सहेली सुनैना के साथ अपने घर से कन्यापूजन समारोह के लिए निकली थी। रास्ते में तेज रफ्तार बाइक ने टक्कर मार दी, जिसमें सुनैना ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि बुरी तरह घायल श्रीजना को नीलकण्ठ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ अभी भी उसका इलाज चल रहा है।
श्रीजना के माता-पिता मेहनत मजदूरी करके जीवन यापन करते हैं और कठघरिया में किराये के मकान में रहते हैं। अस्पताल में इलाज के दौरान सोशल मीडिया के जरिये मदद की अपील सुनकर समाजसेवी शुभम अण्डोला ने अपने स्वभाव के अनुरूप जरूरत मन्द परिवार की मदद का निश्चय किया । आज धनतेरस के पावन अवसर पर वह स्वयम घायल बच्ची के माता-पिता से मिले और बच्ची के लिए मदद प्रदान की । मुसीबत में इक्कीस हजार रुपए की मदद पा कर गरीब माता-पिता को बहुत बड़ी राहत मिली । उन्होंने श्री अण्डोला का आभार प्रकट कर उनका दिल से धन्यवाद किया ।

उल्लेखनीय है कि निरन्तर कर्मशील रह कर लोक कल्याण को समर्पित रहने वाले मृदुभाषी,सरल हृदय एवं उदार व्यक्तित्व के धनी शुभम् अण्डोला समूचे क्षेत्र में जरूरत मंदों के मसीहा के रूप में पहचाने जाते हैं।
अपने माता-पिता से प्राप्त उच्च संस्कारों के कारण जन सरोकारों से उनका बचपन से ही गहरा नाता रहा है । गरीब व दीन दुखियों की मदद में वे सदैव तत्पर रहते हैं । जीवन के शुरुआती संघर्ष के दिनों में तमाम विपरीत हालातों में भी उन्होंने जरूरत मन्द लोगों की मदद का कोई मौका नहीं छोड़ा । पर्वतीय संस्कृति के प्रचार प्रसार में उनका बेहतर योगदान रहता है ।
ईमानदारी पूर्वक दायित्वों को निभानें में विश्वास रखनें वाले शुभम् अण्डोला मानवीय मूल्यों के संरक्षण में सदैव तत्पर रहते है
समाजसेवी शुभम से वर्तमान में पारिवारिक, सामाजिक व आर्थिक स्थिति के बाबत जानकारी चाही तो उन्होंने कहा कि आज वह हर प्रकार से सन्तुष्ट व खुश हैं। माता – पिता का आशीर्वाद सदैव उनके साथ है। उसी आशीर्वाद व भगवान की कृपा से आज उनको वह सब कुछ प्राप्त है जिसके बारे में वह कभी सोच भी नहीं सकते थे । उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि सब कुछ का यह मतलब नहीं कि वह कोई अडानी या अम्बानी बन गये हों। बहरहाल भगवान ने जितना भी दिया है उससे वह पूर्णतः सन्तुष्ट हैं। यानी अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियो के साथ ही सामाजिक जिम्मेदारियो का निर्वहन सन्तोष पूर्वक कर पा रहा हूं। शुभम ने कहा कि आज माता-पिता के नाम से उन्होंने दो फर्में बनाई हैं, जिनके जरिये प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से लगभग डेढ़ सौ लोगों को रोजगार भी मुहैया कराया है।
युवाओं के लिए कोई सन्देश देने की बात पर शुभम अण्डोला ने कहा कि परिस्थिति कैसी भी हो नीति व नीयत साफ होनी चाहिए, ईमानदारी , अनुशासन व एकाग्र भाव से अपने लक्ष्य पर लगातार चलते रहना चाहिए और किसी भी प्रकार की कुसंगत व नशे से बचना ही चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं को यह सब कठिन प्रतीत होता है वो आज से ही नित्य प्रातः काल अपने माता – पिता के चरण स्पर्श कर उनको अपने अच्छे कार्यों से खुश रखना शुरू कर दें। क्योंकि माता – पिता खुश हैं तो तय माने भगवान स्वयम खुश हो जाते हैं। भगवान आपसे खुश हैं तो परेशानी कहाँ आने वाली है। शुभम ने कहा कि उन्होंने जब से होश संभाला है तब से आज तक वह प्रातःकाल उठकर अपने माता – पिता का आशीर्वाद लेते आ रहे हैं। उसी आशीर्वाद की ताकत है कि वह पूर्णतः सन्तुष्ट व आनन्दित रहते हैं।
समाज सेवा के क्षेत्र में आगे की किसी योजना के बाबत पूछे जाने पर शुभम ने कहा कि फिलहाल तो वह जहां कहीं भी जिस किसी भी जरूरतमंद को राहत दिलानी होती है, वह फेसबुक पोस्ट के जरिये लोगो से सहयोग कराने की अपील कर देते हैं। लोगों का भरोसा ही कि एक – दो दिन के भीतर बड़ी संख्या में लोगों की मदद मिलने लगती है और फिर अपनी ओर से यथासंभव योगदान कर जरूरतमंद को आर्थिक मदद पहुंचा दी जाती है।
श्री अण्डोला ने कहा कि फिलहाल इसी तरह वह समाज सेवा करते रहेंगे लेकिन आने वाले कुछ ही वर्षों में जरूरतमंदो की मदद को लेकर समाजसेवियों के साथ समन्वय कर कुछ बड़े स्तर पर कार्य करने की इच्छा है।
कुल मिलाकर समाजसेवी शुभम अण्डोला बीते कई वर्षों से जरूरतमंद लोगों के लिए बहुत अच्छा व सराहनीय कार्य करते आ रहे हैं। मूलरूप से जनपद बागेश्वर के बुड़ घूना गांव के रहने वाले शुभम वर्तमान में अपनी माता जी हीरा देवी तथा पिता टीका राम अण्डोला की छत्र छाया में अपने परिवार के साथ हल्दूचौड़ में निवास करते हैं। सरल व मिलनसार स्वभाव एवं बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी शुभम अण्डोला समूचे क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित व्यावसायी के साथ-साथ लोक प्रिय समाजसेवी के रूप में जाने जाते हैं।

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मदन मधुकर की रिपोर्ट

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