आदि शक्ति माँ अवंतिका पुस्तक की दी भेंट ,नैनीताल पर्यटन एवं परिवहन विकास सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष ने विदेशी तीर्थ यात्रियों को चार धाम के लिए किया रवाना,

ख़बर शेयर करें

 

सात समंदर पार से आया बुलावा: आखिर कौन हैं वो विदेशी मेहमान जो सनातन की खोज में निकल पड़े हैं चार धाम यात्रा पर?
हरिद्वार, 19 जून।
विश्व प्रसिद्ध चार धाम यात्रा इन दिनों अपने पूरे शबाब पर है। देवभूमि उत्तराखंड के चारों धामों में दर्शन के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं का आना तो आम बात है, लेकिन हरिद्वार में तब माहौल में एक अद्भुत कौतूहल और श्रद्धा का संचार हो गया, जब विदेशी धरती से आए मेहमानों का एक अनूठा जत्था सनातन संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। ब्रिटेन, फ्रांस और मॉरीशस जैसे देशों से आए ये हिंदू तीर्थ यात्री किसी आम सफर पर नहीं, बल्कि अपनी सदियों पुरानी आध्यात्मिक जड़ों को तलाशने के लिए चार धाम की पावन यात्रा पर रवाना हुए हैं।
ओवरसीज हॉलीडे टूर्स इंडिया के तत्वाधान में आयोजित इस विशेष यात्रा को बेहद भावुक और गरिमामयी माहौल में रवाना किया गया। पूर्व राज्य मंत्री एवं नैनीताल पर्यटन परिवहन विकास सहकारी संघ के अध्यक्ष ललित पंत, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग परिषद के जिला अध्यक्ष जगदीश लाल पाहवा, दिवाकर गुप्ता एवं स्वामिनी वेद आत्मानंद सरस्वती ने वैदिक मंत्रोचार के बीच इस यात्री दल को हरी झंडी दिखाई। मंत्रों की गूंज और सनातन धर्म के मूल्यों को समेटे हुए जब इन विदेशी पर्यटकों ने कदम आगे बढ़ाए, तो हर कोई मंत्रमुग्ध रह गया।
इस विदाई वेला में एक बेहद खास उपहार ने सबका ध्यान खींचा। यात्रा पर निकल रहे इन सभी श्रद्धालुओं को ‘आदि शक्ति माँ अवंतिका’ नामक एक पवित्र पुस्तक भेंट की गई। इस पुस्तक का अपना एक विशेष महत्व है, जिसका विमोचन बीते 30 मई को अवंतिका मंदिर लालकुआँ में सेंचुरी मिल के सीईओ अजय कुमार गुप्ता और विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद उपाध्यक्ष नरेश चन्द्रा द्वारा किया गया था। अब यह पुस्तक विदेशी जमीं से आए इन श्रद्धालुओं की यात्रा में एक मार्गदर्शिका की भूमिका निभाएगी।
इस भावुक क्षण पर पूर्व राज्य मंत्री ललित पंत ने कहा कि ओवरसीज हॉलीडे टूर्स इंडिया और उसके संचालक शंकर जोशी देश-विदेश में रहने वाले हिंदू सनातन धर्मियों को चार धाम यात्रा कराने का जो पुनीत कार्य कर रहे हैं, उसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। वहीं स्वामिनी वेद आत्मानंद सरस्वती ने मॉरीशस से आईं रिया सुभाष (शुभ यात्रा होलीडेज) के प्रयासों की सराहना करते हुए एक बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि ये तीर्थ यात्री असल में सनातन हिंदू धर्म के सच्चे ध्वजवाहक हैं, जो सदियों दूर रहकर भी मॉरीशस, श्रीलंका, कंबोडिया और थाईलैंड जैसे देशों में हमारी संस्कृति को बचाए हुए हैं।
इस अनूठे दल में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक कुल 47 तीर्थ यात्री शामिल हैं, जिनमें रवि, विमल, प्रकाश, शिवम, चित्रा, हिमांशी, कमल जोशी, हर्षित जोशी और गौरव जैसे नाम प्रमुख हैं। यात्रा पर निकलने से पहले भूपतवाला स्थित जैन मंदिर के निकट कमल पंत, संजय वर्मा, दिवाकर गुप्ता और होटल ब्रिंजल के स्टाफ ने पलक-पावड़े बिछाकर इन विदेशी तीर्थ यात्रियों का जोरदार स्वागत किया। अपनों से मिले इस अद्भुत प्रेम और सनातनी सत्कार को देखकर कई यात्रियों की आंखें भी छलक आईं।