कालाढूंगी
आगामी 2027 विधानसभा चुनावों को लेकर कालाढूंगी क्षेत्र में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच, जनसेवा, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भगीरथ प्रयास कर रहे वरिष्ठ भाजपा नेता श्री मनोज पाठक एक सशक्त दावेदार के रूप में उभरे हैं। राम जन्मभूमि और उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन की भट्टी में तपकर निकले श्री पाठक, समाज में अपनी बेदाग छवि और जन सरोकारों के लिए जाने जाते हैं। ‘शैल शक्ति’ ने उनके अब तक के राजनीतिक सफर, सामाजिक अभियानों और 2027 के विजन को लेकर उनसे खास बातचीत की। प्रस्तुत हैं इस विशेष साक्षात्कार के प्रमुख अंश:
प्रश्न: आपके राजनीतिक सफर की शुरुआत 1996 के ऐतिहासिक ‘श्री राम जन्मभूमि आंदोलन’ और ‘उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन’ से हुई। उस दौर के संघर्ष और आज की राजनीति में आप क्या अंतर देखते हैं?
उत्तर: वह दौर किसी पद या सत्ता की लालसा का नहीं था। वह अपनी संस्कृति और राज्य की अस्मिता को बचाने का एक पुनीत यज्ञ था। मैंने अपने माता-पिता (स्वर्गीय श्री बिष्णु दत्त पाठक और श्रीमती चम्पा पाठक) से यही संस्कार पाए हैं कि राष्ट्र और समाज सर्वोपरि है। 1998 में मंडल उपाध्यक्ष से लेकर जिलाध्यक्ष, प्रदेश उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य (मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के प्रभारी) तक, संगठन ने जो भी दायित्व दिए, मैंने उन्हें पूरी निष्ठा से निभाया। मैंने राजनीति को हमेशा ‘सेवा के माध्यम’ के रूप में ही देखा है और आज भी मेरा लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की जन समस्याओं का निवारण करना है।
प्रश्न: आप शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी लगातार काम कर रहे हैं। बिठौरिया, कोटाबाग और छड़ैल में आपके द्वारा संचालित तीन लाइब्रेरी और निःशुल्क योग कक्षाओं के पीछे आपका क्या मुख्य उद्देश्य है?
उत्तर: युवाओं के बिना सशक्त समाज की कल्पना अधूरी है। आज के युवा को सही दिशा और संसाधनों की आवश्यकता है। इन तीन पुस्तकालयों (लाइब्रेरी) का उद्देश्य हमारे बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा का माहौल देना है ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल हो सके। वहीं, “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है”, इसी सोच के साथ हम निःशुल्क योग कक्षाएं चलवा रहे हैं। इन कक्षाओं के माध्यम से सैकड़ों लोग प्रतिदिन लाभान्वित होकर उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त कर रहे हैं।
प्रश्न: आप ‘गाँव के गौरव’ और ‘नगर के नायक’ नाम से एक विशेष अभियान चला रहे हैं, साथ ही सनातन संस्कृति और माँ कोटगाड़ी के प्रति आपकी गहरी आस्था है। इस विषय में कुछ बताएँ?
उत्तर: ‘गाँव के गौरव’ और ‘नगर के नायक’ अभियान उन गुमनाम नायकों और होनहार प्रतिभाओं को सम्मान देने का एक विनम्र प्रयास है, जो निस्वार्थ भाव से समाज को बेहतर बना रहे हैं। जहाँ तक आस्था का प्रश्न है, सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार हमारा दायित्व है। देवभूमि के देवालयों से मेरा विशेष जुड़ाव है, विशेषकर पिथौरागढ़ के पांखू क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध न्याय की देवी माँ कोटगाड़ी के प्रति मेरी अगाध श्रद्धा है। उन्हीं की कृपा से मुझे निरंतर जनसेवा करने की ऊर्जा मिलती है।
प्रश्न: 2027 के विधानसभा चुनावों में कालाढूंगी की जनता और पार्टी कार्यकर्ता आपको भाजपा के सबसे प्रबल दावेदार के रूप में देख रहे हैं। आगामी 2027 को लेकर कालाढूंगी के लिए आपका क्या विजन है?
उत्तर: कालाढूंगी मेरी कर्मभूमि है और यहाँ की जनता मेरा अपना परिवार है। मैं भारतीय जनता पार्टी का एक निष्ठावान और समर्पित कार्यकर्ता हूँ। जनता का जो अपार स्नेह और समर्थन मुझे मिल रहा है, वह मेरे लिए एक धरोहर है। यदि संगठन और शीर्ष नेतृत्व 2027 में मुझे कालाढूंगी की जनता का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्रदान करता है, तो मेरा स्पष्ट विजन है— कालाढूंगी को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और समग्र विकास के मामले में उत्तराखंड का एक ‘आदर्श विधानसभा’ क्षेत्र बनाना। जन समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए मैं सदैव तत्पर था, हूँ और रहूँगा।
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