बिन्दुखत्ता (नैनीताल) ढलान चक्की स्थित भूमिया मन्दिर में रविवार को आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में भक्तों ने गहरे श्रद्धा भाव के साथ भाग लिया। कथा वाचक मनोज कृष्ण जोशी ने गणेश जन्म, कार्तिकेय जन्म, तारकासुर वध सहित अनेक शिव चरित्रों का सजीव और रोचक वर्णन प्रस्तुत किया।
कथा के दौरान भगवान शिव के जीवन, उनके आदर्श चरित्र, कठिन परिश्रम और नैतिक मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित श्रद्धालु आध्यात्मिक अनुभव से परिपूर्ण हुए।
इस अवसर पर विनोद बिष्ट, वीर सिंह तुलेड़ा, राजेन्द्र सिंह कोरंगा, रोहित कनवाल, प्रेम सिंह बिष्ट, नन्दन सिंह तुलेड़ा, दीवान सिंह बर्गली, गंगा सिंह बिष्ट, उत्तम सिंह भण्डारी, हरक सिंह रावत, मोहन सिंह रावत, खीम सिंह सेला, महेन्द्र सिंह रावत, मोहन बर्गली, ललित मोहन बिसौती, पूरन चन्द्र जोशी, रमेश चन्द्र तिवारी, सुरेश चन्द्र जोशी, मुन्ना बिष्ट, देवेन्द्र बिष्ट, गणेश सिंह बिष्ट, पंकज बिष्ट, राजा भुवन जोशी, अनिल पाण्डे, कृष्णानन्द जोशी, आनन्द जोशी, जगदीश कार्की, धीरज बिष्ट, मनोज रावत, मदन तुलेड़ा, संजय जोशी, दीपू भट्ट, चंचल कोरंगा, पार्वती तुलेड़ा, आशा देवी, दीपा बिष्ट, लीला पाण्डे, चन्दन बथ्याल, हरीश नगरकोटी, मदन सिंह बोरा, भुवन मेर, त्रिलोक चन्द्र भट्ट, श्रवण जोशी, त्रिलोचन जोशी, प्रशान्त सेलाकोटी, नीरज अधिकारी, किशोर चन्द्र फुलारा, रजत कनवाल, सुन्दर बिष्टहेमा बिष्ट प्रभा बिष्ट भावना रावत बिमला बतियाल नीमा नेगी पुष्पा बिष्ट माही बरगली सहित अनेक भक्तगण उपस्थित रहे।
समिति के अध्यक्ष विनोद बिष्ट ने उपस्थित सभी आगन्तुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा,
“श्री शिव महापुराण कथा केवल धार्मिक कथाओं का पाठ नहीं, बल्कि समाज में सद्भाव, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना फैलाने का माध्यम है। आपकी उपस्थिति ने इसे और भी सार्थक बनाया।”
भक्तगण कथा के दौरान कथा वाचक के वर्णन में डूबते रहे और इस आयोजन ने धार्मिक श्रद्धा और सामुदायिक एकता का संदेश सबको दिया।
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