अचानक एक साथ 5 मोर्चों पर बरपा कहर: क्या भारी बारिश में घिर गया नैनीताल? जानिए इस सुबह की पूरी हकीकत!
नैनीताल, 2 जुलाई 2026
गुरुवार की सुबह जिला आपदा परिचालन केंद्र में सब कुछ सामान्य चल रहा था, कि तभी घड़ी की सुइयों ने सुबह के 9 बजकर 11 मिनट छुए और अचानक कंट्रोल रूम के फोन की घंटियां घनघनाने लगीं। फोन पर आई पहली ही खबर ने अधिकारियों के होश उड़ा दिए। लेकिन संकट यहीं नहीं रुका, अगले कुछ ही मिनटों में एक के बाद एक, पांच ऐसी दिल दहला देने वाली खबरें आईं जिसने पूरे प्रशासनिक अमले की धड़कनें बढ़ा दीं। नैनीताल मुख्यालय से लेकर लालकुआं के मैदानों तक, हर तरफ से सिर्फ तबाही और सैलाब की सूचनाएं आ रही थीं। लेकिन रुकिए, घबराइए नहीं। यह कुदरत का असली कहर नहीं, बल्कि मानसून के खतरों से निपटने की हमारी तैयारियों की एक महा-परीक्षा यानी आपदा प्रबंधन मॉकड्रिल थी।
सुबह करीब सवा नौ बजे शुरू हुआ यह सिलसिला देखते ही देखते पूरे जिले में फैल गया। कंट्रोल रूम को बैक-टू-बैक पांच बड़ी सूचनाएं प्राप्त हुईं। पहली सूचना के अनुसार सुबह 9 बजकर 11 मिनट पर जिला मुख्यालय के आलमा कॉटेज क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के चलते अचानक भारी मलबा गिरने से हड़कंप मच गया। इसके तुरंत बाद बेतालघाट स्थित बधो में काली पहाड़ी दरकने से शहीद बलवंत मोटर मार्ग पूरी तरह बंद होने की खबर मिली। संकट तब और गहरा गया जब कालाढूंगी की निहाल नदी उफान पर आ गई और वहां का मुख्य मोटर पुल क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद चौथी बड़ी खबर हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र से आई, जहां गौला नदी के तेज बहाव के कारण भारी भू-कटाव शुरू हो गया था। पांचवां और आखिरी झटका लालकुआं क्षेत्र से लगा, जहां गौला नदी में बाढ़ आने की सूचना प्राप्त हुई।
जैसे ही पांचों संवेदनशील जगहों से आपदा की कड़ियां जुड़ीं, जिला आपदा परिचालन केंद्र तुरंत एक्शन मोड में आ गया। बिना एक पल गंवाए प्रशासन ने आईआरएस यानी इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम प्रणाली को एक्टिवेट कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ, राजस्व, लोनिवि, सिंचाई, स्वास्थ्य, पेयजल और फायर ब्रिगेड की टीमों को सायरन बजाते हुए अलग-अलग मोर्चों के लिए रवाना कर दिया गया। सभी पांचों घटना स्थलों पर त्वरित राहत और बचाव कार्य शुरू करने के लिए स्टेजिंग एरिया यानी राहत शिविर व नियंत्रण केंद्र बनाए गए हैं, जहां संबंधित विभागों की टीमें मलबे को हटाने, नदी के कटान को रोकने और बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के अभ्यास में जुट गईं। इस मॉकड्रिल ने यह साबित कर दिया कि भले ही कुदरत कितनी भी बड़ी चुनौती क्यों न दे, नैनीताल जिला प्रशासन पलक झपकते ही हर मोर्चे पर मुस्तैदी से जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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