दशकों से सोई वो दिव्य धूनी फिर होगी जाग्रत… माँ अवंतिका धाम में शुरू हुआ एक ऐसा सफर, जो बदल देगा आस्था और आधुनिकता की परिभाषा!

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लालकुआँ/धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को एक नई और भव्य दिशा देते हुए, सुप्रसिद्ध माँ अवंतिका मंदिर परिसर इन दिनों एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक कायाकल्प का गवाह बन रहा है। मंदिर समिति के वर्तमान अध्यक्ष लक्ष्मण खाती महामन्त्री भुवन पाण्डे व उनकी टीम के कुशल नेतृत्व में विकास और सौंदर्यीकरण के कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। यह केवल साधारण निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय पूरन सिंह रजवार जी के उन सपनों को हकीकत में बदलने की एक भावुक और सार्थक कोशिश है, जो उन्होंने इस पावन धाम के लिए देखे थे। एक अधूरा सपना, एक दृढ़ संकल्प और माँ अवंतिका का आशीर्वाद जब एक साथ मिलते हैं, तो हर राह आसान हो जाती है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण खाती ने बताया इस पूरे पुनर्विकास की सबसे बड़ी और दिव्य कड़ी यह है कि यहाँ दशकों से निष्क्रिय पड़ी प्राचीन धूनी का पारंपरिक तथा वैदिक विधि-विधान से पुनर्निर्माण किया जा रहा है, जिसे बहुत जल्द विधिवत रूप से जाग्रत कर दिया जाएगा। इसके साथ ही, प्राचीनता को सहेजे रखते हुए मंदिर को आधुनिक सुविधाओं से भी लैस किया जा रहा है। अब पूरे परिसर में श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क हाई-फाई वाई-फाई सुविधा उपलब्ध होगी और चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखने के लिए आधुनिक सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जा रहा है। साथ ही, आँखों को सुकून देने वाला एक बेहद खूबसूरत वॉटर फाउंटेन और पानी की किल्लत दूर करने के लिए नई पानी की टंकी का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है।
माँ अवंतिका के दरबार को प्रकृति के रंगों से सजाने के लिए परिसर में लगभग 800 पुष्पीय पौधों का रोपण किया गया है, जो यहाँ आने वाले हर भक्त को एक अलौकिक शांति का अहसास कराएंगे। अक्सर देखा जाता था कि बरसात के मौसम में भंडारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान भक्तों को काफी असुविधा होती थी, इसलिए इस समस्या को समझते हुए भोजनालय के लिए एक विशाल और मजबूत टीन शेड का निर्माण कार्य भी सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। मंदिर परिसर में ऐसे कई विकास कार्य किए जा रहे हैं जो श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के साथ-साथ धर्म एवं संस्कृति के प्रति आस्था को और अधिक सुदृढ़ करेंगे।
इस नवविकास की जो बात सबसे अनोखी और सराहनीय है, वह है नई पीढ़ी को सशक्त बनाना। माँ अवंतिका का यह आंगन अब केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह सामाजिक और बौद्धिक विकास का भी केंद्र बनने जा रहा है। बच्चों और युवाओं के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए निःशुल्क संगीत प्रशिक्षण का शानदार शुभारंभ पहले ही हो चुका है और बहुत जल्द स्थानीय बच्चों को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए निःशुल्क कंप्यूटर शिक्षा केंद्र की शुरुआत भी होने जा रही है। माँ अवंतिका के आशीर्वाद से यह पावन परिसर अब एक ऐसे आदर्श केंद्र के रूप में उभर रहा है, जहाँ कदम रखते ही आत्मा को आध्यात्मिक शांति तो मिलेगी ही, साथ ही समाज को एक नई और प्रगतिशील दिशा भी मिलेगी। समिति का यह संकल्प वाकई सराहनीय और अनुकरणीय है।